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एक महिला वैज्ञानिक जो आइंस्टीन से कम नहीं-विज्ञान विश्व

सन् 1915 में अल्बर्ट आइंस्टाइन ने भौतिकी के क्षेत्र में और एम्मी नोएथेर (Emmy Noether) ने गणित के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोजें की. जहां आइंस्टाइन ने थ्योरी ऑफ जनरल रिलेटिविटी का प्रतिपादन किया, वहीं इसी साल एम्मी नोएथेर ने अपनी शानदार गणितीय थ्योरम (Noether's Theorem) प्रस्तुत की. यह दो व्यक्तियों द्वारा एक जैसी महत्व की अलग-अलग उत्कृष्ट खोजें थीं, जबकि हमने एक को इतना ज्यादा तवज्जो दिया कि दूसरी फीकी पड़ गई. विज्ञान के इतिहासकारों की मानें तो आइंस्टाइन के थ्योरी ऑफ जनरल रिलेटिविटी के जबर्दस्त प्रभाव की बदौलत शायद नोएथेर की थ्योरम प्रभाहीन हो गई, जबकि यह किसी भी मायने में उससे तनिक भी कम न थी.

एम्मी नोएथेर ने गणित के क्षेत्र में उस समय काम किया, जब पूरी दुनिया में महिलाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई थी. उन दिनों महिलाओं को पुरुषों की तुलना में घर से बाहर अपनी पहचान स्थापित करने के लिए कई गुना ज्यादा संघर्ष करना पड़ता था, उनके समक्ष चुनौतियों का अंबार होता था. एम्मी नोएथेर को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होने कभी भी हार नहीं मानी और आज उनका नाम अबतक के सबसे प्रतिभाशाली गणितज्ञों की सूची में शुमार किया जाता है. 23 मार्च यानि आज आधुनिक अलजेब्रा की माँ कहीं जाने वाली एम्मी नोएथेर का जन्मदिन

होता है. आइए, इस अवसर पर नोएथेर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हैं, जो अमूमन अभी तक उपेक्षित रहा है.

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