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झुरोंग रोवर

पारंपरिक अग्नि देवता के नाम

पर, चीन ने अपने पहले मार्स रोवर को 'झुरोंग' नाम दिया गया है. वर्तमान में यह रोवर चीन के मार्स प्रोब तियानवेन -1 पर स्थित है, जिसने 24 फरवरी को मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था और जीवन के साक्ष्य खोजने के लिए यह मई माह में लाल ग्रह पर उतरेगा. चीन की यह मंगल जांच/ प्रोब एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष स्टेशन को लॉन्च करने और चंद्रमा पर मानव को उतारने की उसकी महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष योजनाओं का ही एक हिस्सा है. चीन के मंगल/ मार्स रोवर को पारंपरिक अग्नि देवता के नाम पर 'झुरोंग' नाम दिया गया है. चाइना स्पेस स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि, कथित तौर पर यह नाम इसलिए चुना गया है क्योंकि यह मंगल ग्रह के लिए चीनी नाम "हू जिंग" - या फायर स्टार के साथ मिलता-जुलता है. 'झुरोंग' नाम चीन के ग्रहों की खोज की ज्वाला को प्रज्वलित रखने का प्रतीक है.



चीन अपने तियानवेन -1 मार्स प्रोब की लैंडिंग लाल ग्रह पर पत्थर से बने मैदान में करने की योजना बना रहा है. यह वही लैंडिंग साइट है जहां वर्ष, 1976 में अमेरिकी लैंडर वाइकिंग 2 ने लैंडिंग की थी. मंगल ग्रह पर अपना रोवर उतारने के बाद चीन, अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ के बाद तीसरा देश बन जाएगा. चीन की तियानवेन -1 प्रोब का उद्देश्य मंगल ग्रह की सतह और भूविज्ञान का विश्लेषण करने के साथ ही वहां पानी की बर्फ की तलाश करना और जलवायु के साथ-साथ मंगल ग्रह की सतह के वातावरण का अध्ययन करना है. चीन वर्ष, 2019 में पहला ऐसा देश बन गया, जिसने चंद्रमा के दूरस्थ स्थान पर लैंडिंग की जहां अभी तक किसी अन्य देश ने लैंडिंग नहीं की है. यह वर्ष, 1970 के बाद पहली बार दिसंबर, 2020 में पृथ्वी पर चंद्रमा की चट्टानों को लाने वाला पहला देश बन गया.

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