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पंडित राजन मिश्र का निधन

पद्म भूषण पंडित राजन मिश्रा का 25 अप्रैल 2021 को निधन हो गया. वे 70 साल के थे. उनका जाना संगीत जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी. दुनिया भर में मौजूद तमाम प्रशंसक इस समय शोक में डूब गए हैं और इस महान हस्ति को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है. ट्वीट कर लिखा गया है- शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पंडित राजन मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है. बनारस घराने से जुड़े मिश्र जी का जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पंडित राजन मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। बनारस घराने से जुड़े मिश्र जी का जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति! • बनारस राज घराने से संबंध रखनने वाले राजन मिश्रा भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे. भारत सरकार ने उन्हें 2007 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.



• उन्होंने 1978 में श्रीलंका में अपना पहला संगीत कार्यक्रम किया. जिसके बाद उन्होंने जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, यूएसएसआर, सिंगापुर, कतर, बांग्लादेश समेत दुनिया भर के कई देशों में प्रदर्शन किया. • राजन और साजन मिश्रा दोनों भाई थे. दोनों साथ में ही कला का प्रदर्शन करते थे. दोनों भाइयों की जोड़ी ने पूरे विश्व में खूब प्रसिद्धी हासिल की. • दोनों का मानना था कि जैसे मनुष्य का शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है, वैसे ही संगीत के सात सुर ‘सारेगामापाधानी’ पशु-पक्षियों की आवाज से बनाए गए हैं. • कुछ साल पहले दोनों भाइयों ने आपदा के लिए प्रकृति नहीं कि जगह लोगों को जिम्मेदार बताया था. उन्होंने कहा था कि हर इंसान को प्रकृति का साथ देना होगा अगर वह आपदा से बचना चाहता है. • संगीत के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए उन्हें साल 1971 में भारत सरकार ने संस्कृत अवार्ड दिया था. साल 1994-1995 में गंधर्व सम्मान मिला था. • उन्हें साल 1998 में संगीत नाटक अकादमी और साल 2007 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.

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