top of page

फाइनमैन की बीवी

साभार : अशोक पाण्डेय जी


नोबल हासिल करने के दस साल बाद 1975 में एक भौतिकशास्त्री ने एक बड़ी सी वैन खरीदी. उन्होंने वैन को सरसों वाले गाढ़े पीले में रंगवाने के बाद उस पर कुछ टेढ़ी-मेढ़ी आकृतियाँ बनवाईं. पारिवारिक छुट्टियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इस आरामदेह गाड़ी को अक्सर उनकी पत्नी ड्राइव करती थीं.


एक बार वैन लालबत्ती पर ठहरी हुई थी. बगल में आकर रुके एक मोटरसाइकिल सवार ने उन स्केचेज़ को पहचान लिया और हैरत करते हुए ड्राइवर महिला से पूछा – “आपने अपनी गाड़ी पर ये फाइनमैन डायाग्राम क्यों बनवा रखे हैं?”


महिला बोली – “क्योंकि मैं मिसेज फाइनमैन हूँ! मिस्टर फाइनमैन पीछे की सीट पर बीयर पी रहे हैं.”


फिजिक्स संसार की संरचना को समझने का विज्ञान है. दुनिया की हर चीज परमाणुओं से बनी हुई है जिनकी संरचना और गति पर बेहद जरूरी शोध पिछली सदी में हुए. इस लिहाज से पिछली सदी को एटॉमिक फिजिक्स की शताब्दी भी कहा जा सकता है. परमाणुओं की गतिकी के विज्ञान को एक अलग धारा के तौर पर महान वैज्ञानिक पॉल डिराक ने 1928 में क्वांटम इलेक्ट्रोडायनामिक्स यानी QED के नाम से स्थापित किया. आइन्स्टाइन के बाद जिन तीन भौतिक वैज्ञानिकों ने परमाणु विज्ञान की तस्वीर को बदला उनमें पॉल डिराक के अलावा नील्स बोर और रिचर्ड फाइनमैन सबसे महत्वपूर्ण थे.


किसी भी विज्ञान को आसान भाषा में समझाना मुश्किल होता है. ऐसा कर सकने में जिन तीन आधुनिक वैज्ञानिकों ने उल्लेखनीय सफलता पाई उनमे आइन्स्टाइन, स्टीफन हॉकिंग और रिचर्ड फाइनमैन का नाम सबसे ऊपर है. ये तीनों अपने समय में बहुत लोकप्रिय हुए और आधुनिक विज्ञान को जनमानस तक पहुंचाने में इनकी बड़ी भूमिका रही है. बहुत हाल में यह काम रोजर पेनरोज कर रहे हैं.


परमाणुओं की गति को समझाने के लिए फाइनमैन ने 1948 में कुछ बहुत साधारण चित्रों की सहायता ली जिन्हें फाइनमैन डायाग्राम्स कहा गया. संगीत और शिक्षाशास्त्र में गहरी दिलचस्पी रखने वाले रिचर्ड फाइनमैन खुद म्यूजिकल नाटकों में बोंगो भी बजाते थे.


फाइनमैन डायाग्राम्स के महत्त्व को वैज्ञानिक-समुदाय के अलावा आम जनता ने भी स्वीकार किया जिसकी तस्दीक लाल बत्ती वाले उस मोटरसाइकिल सवार ने की.


11 मई रिचर्ड फाइनमैन की जयन्ती है.


66 views0 comments
bottom of page