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बाजार ख़बर

एमएफ को भा रही यूटीआई एएमसी बिज़नेस स्टैण्डर्ड से साभार कई म्युचुअल फंड (एमएफ) हाउसों ने मार्च तिमाही के दौरान यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) के शेयर खरीदे। शेयरधारिता आंकड़े के खुलासे के अनुसार, मिरई ऐसेट एमएफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 44 आधार अंक और 195 आधार अंक तक बढ़ाकर 5.56 प्रतिशत और 4.61 प्रतिशत की है। इस बीच, इन्वेस्को एमएफ, टाटा एमएफ, केनरा रोबेको और सुंदरम एमएफ ने भी यूटीआई एएमसी में हिस्सेदारी में इजाफा दर्ज किया। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट में कहा था, 'यूटीआई एएमसी ने इक्विटी सेगमेंट में बाजार भागीदारी के साथ साथ प्रवाह में तेजी के जैसे कई सकारात्मक व्यावसायिक संकेतकों को प्रदर्शित किया है। कंपनी द्वारा चलाया गया लागत नियंत्रण कार्यक्रम और पेंशन फंड प्रबंधन शुल्कों में वृद्घि भविष्य में मजबूत आय के वाहक हैं।'

सड़क निर्माताओं पर विश्लेषक उत्साहित विश्लेषकों का कहना है किसड़क इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण कंपनियों के शेयर आकर्षक का केंद्र बने हुए हैं, क्योंकि उनके व्यवसायों पर लॉकडाउन का कम प्रभाव देखा गया है। वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही की तरह श्रमिकों का बड़ा पलायन नहीं देखा गया है, क्योंकि संयंत्रों में परिचालन हो रहा है ओर श्रमिकों को लगातार पारिश्रमिक और उत्पादकता संबंधित रियायतें मिल रही हैं, जबकि साथ ही उनकी पर्याप्त चिकित्सा सेवाओं तक भी पहुंच है। जेएम फाइनैंशियल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि इसके अलावा, वित्त वर्ष 2022 में मजबूत ऑर्डर प्रवाह दिखा है। पीएनसी इन्फ्राटेक, केएनआर कंस्ट्रशंस, और अशोक बिल्डकॉन ऐसी कंपनियां हैं जिनमें ब्रोकरेज फर्म तेजी की अच्छी संभावना देख रही है। सुंदर सेतुरामन एफटीएसई ने वेदांत में भारांक घटाया एफटीएसई रसेल ने 'रसेल रफी' सूचकांक सीरीज नाम से अपने वैश्विक सूचकांकों में वेदांत का भारांक घटा दिया है। इस कदम के बाद जिंस निर्माता में फ्री फ्लोट बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, यह शेयर करीब 300 करोड़ रुपये की बिकवाली दर्ज कर सकता है, क्योंकि फंडों ने अपनी शेयरधारिता में बदलाव पर ध्यान केंद्रित किया है। यह समायोजन 4 मई को होगा। स्वेच्छिक ओप ऑफर के बाद, वेदांत में प्रवर्तक हिस्सेदारी 55.1 प्रतिशत से बढ़कर 65.18 प्रतिशत हो गई है। वेदांत का शेयर इस साल 60 प्रतिशत चढ़ा है और उसने बीएसई के धातु सूचकांक को मात दी है।

  • चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में इन्फोबींस का राजस्व 19.2 फीसदी बढ़ा

  • महाराष्ट्र : ऑफलाइन होगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा

  • बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक नहर परियोजना का होगा लोकापर्ण

  • एमएसएमई को तकनीक उन्नयन पर सरकारी मदद में सुस्ती

  • यूपी: बजट में कृषि-बुनियादी ढांचे पर जोर

  • नॉर्वे के फंड ने कर के लिए 1.7 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए

  • भारतीय शेयर बाजार कोविड मामलों में वृद्घि को सहन करने में सक्षम नहीं

  • परिसंपत्ति गुणवत्ता, कोविड की चिंता से एयू एसएफबी में गिरावट

  • बाजार में 2 फीसदी की गिरावट

  • म्युचुअल फंड उद्योग को प्रतिभाओं के संकट का डर

  • लॉकडाउन से पहले शुरू हो गई थी श्रम लागत में कटौती

  • सीईओ के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी

  • एस्सार के लिए बढ़ी बोली

  • नोवेलिस की होगी अलेरिस

  • मेड इन इंडिया कारों का अमेरिका में ज

  • विदेशी निवेशकों की एकल खिड़की पर कोविड का साया

  • पुराने सीपीआई, जीडीपी आंकड़ों के बदलाव में लग सकता है लंबा वक्त

  • अप्रैल में 197 प्रतिशत बढ़ा निर्यात

  • उद्योगों को फिर राहत देने पर सरकार का विचार

  • राज्यों को 15,000 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करा रहा क




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