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समाचार विचार

केरल के मुख्यमंत्री, पिनाराई विजयन ने यह घोषणा की है कि, सचिव स्तर की समिति 10 जुलाई, 2021 तक 'स्मार्ट किचन योजना' के कार्यान्वयन के लिए सिफारिशें और दिशानिर्देश तैयार कर लेगी. इस स्मार्ट किचन योजना पर काम की शुरुआत सत्तारूढ़ पार्टी केरल लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के घोषणापत्र में किए गए वादों के कार्यान्वयन का एक हिस्सा होगी. इस वाम लोकतांत्रिक मोर्चा ने वर्ष, 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में राज्य में महिलाओं के घरेलू काम के बोझ को कम करने का वादा किया था. मुख्यमंत्री ने पहले एक ट्वीट में यह कहा था कि, इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के साथ, केरल सरकार अपने वादे पर खरी उतर रही है. केरल राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य अपने राज्य की महिलाओं के घरेलू श्रम भार को कम करना है.



इस स्मार्ट किचन योजना के तहत, केरल में महिलाओं को किश्त योजनाओं में कम ब्याज दर के साथ अपने रसोई घर के नवीनीकरण के लिए सरकार द्वारा ऋण प्रदान किया जाएगा. केरल के मुख्यमंत्री, पिनाराई विजयन ने एक ट्वीट में यह कहा था कि, हमारे समाज की मुक्ति महिलाओं की मुक्ति के बिना हासिल नहीं की जा सकती. केरल राज्य में आधी से अधिक आबादी महिलाओं की है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि, 03 सदस्यीय सचिव स्तर की समिति 10 जुलाई तक इस योजना के संबंध में दिशा-निर्देश और सिफारिशें तैयार कर लेगी. वाम लोकतांत्रिक पार्टी केरल राज्य विधानमंडल में वर्ष, 1980 से 2001 वर्ष, 2006 से 2011 और वर्ष, 2016 से वर्तमान समय में भी सत्तारूढ़ पार्टी है. पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला गठबंधन वर्ष, 2016 के विधानसभा चुनावों में 140 में से 91 सीटें जीतकर सत्ता में लौटा था और नवीनतम वर्ष, 2021 के चुनावों में इस गठबंधन ने 99 सीटों से जीट हासिल की है. पिनाराई विजयन वर्ष, 2021 की ऐतिहासिक चुनावी जी के बाद केरल के मुख्यमंत्री बने हैं, जहां केरल में मौजूदा सरकार 40 वर्षों में पहली बार फिर से चुनी गई है.

🛑स्पेसएक्स फाल्कन 09 रॉकेट ने 26 मई, 2021 को स्टारलिंक 28 मिशन को लॉन्च किया है, जिसमें फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से कक्षा में 60 स्टारलिंक उपग्रहों का एक अन्य सेट शामिल है जोकि वर्ष, 2021 में 13 वां स्टारलिंक लॉन्च इंगित करता है. स्टारलिंक 28 लॉन्च: मुख्य विशेषताएं • स्टारलिंक 28 वर्ष, 2021 का 13वां स्टारलिंक लॉन्च कार्यक्रम एक अद्वितीय मिशन है क्योंकि स्पेसएक्स ने इन उपग्रहों को कक्षा में लॉन्च करने के लिए अपने नवीनतम बूस्टर का उपयोग किया है. • स्टारलिंक 28 मिशन ने एक महीने के भीतर अपने 229 फुट ऊंचे (70 मीटर) फाल्कन 09 रॉकेटों में से एक पर स्पेसएक्स द्वारा स्टारलिंक उपग्रहों के साथ चौथी सफल उड़ान को संचालित किया है. स्पेसएक्स का पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम • इस रॉकेट का पहला चरण प्रक्षेपण के ठीक नौ मिनट बाद पृथ्वी को छू गया, जो स्पेसएक्स के पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम द्वारा 85वीं लैंडिंग इंगित करता है. • आमतौर पर, लॉन्च वाहनों का पहला चरण लॉन्च के बाद वापस नहीं आता है. स्पेसएक्स अंतरिक्ष वाहनों के लिए पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण प्रणाली विकसित कर रहा है. स्टारलिंक उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा में क्यों रखा गया है? • उपयोगकर्ता और सर्वर के बीच विलंबता कहलाने वाले टाइम लैग की समस्या से बचने के लिए स्टारलिंक उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाता है. पृथ्वी से जितनी लंबी दूरी होगी, समय उतना ही अधिक होगा. • पृथ्वी की निचली कक्षा 1000 किलोमीटर से कम की ऊंचाई पर है. पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ तालमेल बिठाते हैं. इसका मतलब यह है कि, ये उपग्रह भी 24 घंटे में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करते हैं. स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रह • एलोन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स ने उपग्रहों का एक नेटवर्क विकसित किया है जिसे स्टारलिंक ब्रॉडबैंड उपग्रह कहा जाता है, जिसे कंपनी पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष से पृथ्वी तक इंटरनेट कवरेज प्रदान करने के लिए लॉन्च करती है. • इन स्टारलिंक उपग्रहों को 340 मील की अपेक्षाकृत कम कक्षा में स्थापित किया गया है. स्टारलिंक की कक्षा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से थोड़ी ऊंची है लेकिन, स्थलीय उपग्रहों की कक्षाओं से नीचे है.

BUSINESS STANDARD


🛑सरकारी खरीद के मानक बदलने की तैयारी श्रेया नंदी | नई दिल्ली केंद्र सरकार सार्वजनिक खरीद के नियमों में बदलाव करने पर काम कर रही है। देश मं वस्तुओं और सेवाओं के विनिर्माण व उत्पादन को प्रोत्साहन देने की कवायद के तहत यह किया जा रहा है। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) मौजूदा मानकों में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिससे मेक इन इंडिया पहल के हिस्सा के रूप में सरकारी खरीद में न्यूनतम स्थानीय सामग्री की जरूरतों को आगे और बढ़ाया जा सके। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि परिभाषा के साथ स्थानीय सामग्री की गणना करने में भारत में किए गए मूल्यवर्धन पर भी विचार किया जाएगा। मौजूदा नियम के मुताबिक कुल मूल्य में स्थानीय सामग्री को शामिल किया गया है और आयातित सामग्री को इससे बाहर रखा गया है। इसके मुताबिक स्थानीय मूल्य के अनुपात की गणना प्रतिशत में की जाती है। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा, 'ऐसा विचार आया है कि स्थानीय सामग्री या घरेलू मूल्यवर्धन की गणना के मौजूदा फार्मूले में बदलाव की जरूरत है क्योंकि इस फार्मूले में सही मूल्य नीहं आ पाता और यह प्राय: बढ़ा मूल्य होता है। अब बिक्री मूल्य के बजाय उत्पादन लागत पर जोर होगा।' इसके साथ ही डीपीआईआईटी ने प्रमुख मंत्रालयों जैसे रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, शिपिंग, स्टील, दूरसंचार, वित्त के अलावा दर्जन भर से ज्यादा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से प्रस्तावित बदलाव पर सलाह मांगी है। सरकार पिछले एक साल से आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे रही है और इस दिशा में कदम उठा रही है। इसे देखते हुए इस मसले पर भी विचार चल रहा है। सरकार स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से खरीद को तरजीह दिए जाने को लेकर भी कदम उठा रही है। पिछले साल डीपीआईआईटी ने खरीद के मानकों में बदलाव किया था, जिससे उन कंपनियों को तरजीह दी जा सके, जो 50 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल करती हैं। इसके बाद संबंधित मंत्रालयों के लिए यह भी अनुमति दी थी कि वे कुछ श्रेणियों में न्यूनतम स्थानीय सामग्री की जरूरतों से ज्यादा खरीद अनिवार्य कर सकते हैं। वर्ग 1 और वर्ग 2 की आपूर्ति में न्यूनतम स्थानीय सामग्री 50 प्रतिशत और 20 प्रतिशत होनी चाहिए। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा, 'वर्ग 2 में स्थानीय सामग्री की जरूरत मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत की जा सकती है। इसके लिए कुछ सरकारी खरीद मानकों को मजबूत किए जाने का विचार है, जिससे कि स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को तरजीह मिल सके।' कीवर्ड सरकारी खरीद, नियम, वस्तु और सेवा, विनिर्माण, डीपीआईआईटी, «वापस ताजा खबर

  • 5जी के इस्तेमाल के लिए धीमी किंतु ठोस शुरुआत करनी होगी

  • टीकों के जरिये जीतनी होगी कोरोना की जंग

  • जमीनी हकीकत

  • नकदी की व्यवस्था देर से उठा अच्छा कदम

  • केरल में 1 जून को आ सकता है मॉनसून

बाजार

  • डॉलर के मुकाबले तेजी से चढ़ा रुपया

  • डिजास्टर रिकवरी साइट से एनएसई-बीएसई की लाइव ट्रेडिंग

  • बाजार में दो हफ्ते की बड़ी उछाल

  • अर्थव्यवस्था और बाजार में नहीं मेल

  • बैंक निफ्टी में दिखेगा 18.6 करोड़ डॉलर का फेरबदल

कंपनियां

  • लॉकडाउन से पहले शुरू हो गई थी श्रम लागत में कटौती

  • सीईओ के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी

  • एस्सार के लिए बढ़ी बोली

  • नोवेलिस की होगी अलेरिस

  • मेड इन इंडिया कारों का अमेरिका में जलवा

अर्थव्यवस्था और नीति

  • चौथी तिमाही के आंकड़े अनुमानों के मुकाबले हो सकते हैं बेहतर

  • सरकारी विभागों को ई-इन्वॉयसिंग से छूट

  • वृद्घि के लिए खर्च बढ़ाए सरकार

  • जीएसटी मुआवजे के लिए बढ़ेगी उधारी

  • कोरोना से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर


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