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समाचार सार 1.6.21

जागरण जोश से

करेंट अफेयर्स एक पंक्ति को नए रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसमें भारतीय रिजर्व बैंक और कोरोना वायरस आदि को सम्मलित किया गया है. • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियामक अनुपालन में कमी को लेकर एचडीएफसी बैंक पर जितने करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है-10 करोड़ रुपये • हाल ही में जिस देश ने कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते 01 से 14 जून तक सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है- मलेशिया • वह राज्य सरकार जिसने कोविड-19 महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के कल्याण हेतु ‘मुख्यमंत्री शिशु सेवा योजना’ की घोषणा की है- असम • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की योजना के तहत अधिकतम बीमा लाभ कोविड-19 पीड़ितों के आश्रितों के लिए 6 लाख से बढ़ाकर जितने लाख किया गया-7 लाख



• विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (World No-Tobacco Day) जिस दिन मनाया जाता है-31 मई • वह मंत्रालय जिसने युवा लेखकों को प्रशिक्षित करने के लिए युवा-प्रधानमंत्री योजना की शुरुआत की है- शिक्षा मंत्रालय • हिंदी पत्रकारिता दिवस (Hindi Journalism Day) जिस दिन मनाया जाता है-30 मई • नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कोरोना महामारी को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर जब तक के लिए रोक लगा दी है-30 जून

,🛑चीनी सरकार ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए बच्‍चों के जन्म को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दे दी है. पहले देश में अधिकतम दो बच्चों को जन्म देने की इजाजत थी लेकिन अब अधिकतम बच्चों की संख्या बढ़ाकर तीन कर दी गई है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में एक पोलित ब्यूरो की बैठक के दौरान बदलाव को मंजूरी दी गई. चीन में 31 मई 2021 को यह घोषणा की गई कि अब देश के प्रत्येक दंपत्ति को दो नहीं बल्कि तीन बच्चों को जन्म देने की अनुमति होगी. सरकार ने यह कदम घटती प्रजनन दर में सुधार लाने और वर्कफोर्स की संख्‍या में आ रही गिरावट को रोकने हेतु उठाया है. साल 2019 में चीन में प्रसव दर लगभग छह दशकों में सबसे निचले स्तर पर आ गई थी. यह फैसला तब लिया गया है जब हाल ही में चीन की जनसंख्या के आंकड़े सार्वजनिक किए गए थे जिसमें पता चला था कि उसकी जनसंख्या बीते कई दशकों में सबसे कम रफ़्तार से बढ़ी है. इसके बाद चीन पर दबाव बढ़ा कि वह जोड़ों को अधिक बच्चे पैदा करने हेतु प्रेरित करे और जनसंख्या की गिरावट को रोके. वन-चाइल्ड पॉलिसी के कारण देश में लिंग अनुपात में बड़ा अंतर सामने आया है. आंकड़ों के अनुसार, साल 2010 से 2020 के बीच चीन में जनसंख्या बढ़ने की रफ्तार 0.53 प्रतिशत थी. जबकि साल 2000 से 2010 के बीच ये रफ्तार 0.57 प्रतिशत पर थी. यानी पिछले दो दशकों में चीन में जनसंख्या बढ़ने की रफ्तार कम हो गई है. आंकड़ों में बताया गया कि साल 2020 में चीन में केवल 12 मिलियन बच्चे पैदा हुए, जबकि 2016 में ये आंकड़ा 18 मिलियन था. यानी चीन में साल 1960 के बाद बच्चों के पैदा होने की संख्या भी सबसे कम पर पहुंची. चीन इस समय भी विश्व में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है और उसके बाद भारत का स्थान आता है.



चीन 1990 के दशक से हर 10 साल पर राष्ट्रीय जनगणना कराता है. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश की जनसंख्या 2010 के मुकाबले 5.38 प्रतिशत या 7.206 करोड़ बढ़कर 1.41178 अरब हो गई है. हाल ही में चीन ने अपनी जनसंख्या के आंकड़े जारी किए थे. इसके मुताबिक, पिछले दशक में चीन में बच्चों के पैदा होने की रफ्तार का औसत सबसे कम था. इसका मुख्य कारण चीन की टू-चाइल्ड पॉलिसी को बताया गया. आंकड़ों में बताया गया कि साल 2020 में चीन में केवल 12 मिलियन बच्चे पैदा हुए, जबकि साल 2016 में ये आंकड़ा 18 मिलियन था. चीन ने 1979 में तेजी से बढ़ती जनसंख्या दर को धीमा करने के लिए एक बच्‍चा पैदा करने की नीति (One-Child Policy) की शुरुआत की थी. इसके बाद देश में बुजुर्गों की आबादी बढ़ने और वर्कफोर्स घटने के डर से साल 2016 में इसे बदल कर दो बच्‍चे पैदा करने की अनुमति दे दी थी. फिर भी उम्‍मीद के अनुसार परिणाम न मिलने पर चीन की सरकार ने एक बार फिर इस नीति को बदलकर 3 बच्‍चों की अनुमति दे दी है.

🛑टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स,के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से विश्व स्वास्थ्य संगठन और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) तंबाकू के उपयोग के स्वास्थ्य जोखिमों को उजागर करने और धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों के उपयोग को कम करने में मदद करने वाली नीतियों को लागू करने हेतु सरकारों को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस को बढ़ावा देता है. पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों से बचाने हेतु विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों ने वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाये जाने की घोषणा की थी. ये फैसला बीसीसीआई की 29 मई 2021 को हुई विशेष आम बैठक (SGM) में लिया गया. टूर्नामेंट का आयोजन सितंबर-अक्टूबर में होगा. बीसीसीआइ उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि अमीरात क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन के साथ 02 जून को प्रस्तावित बैठक के बाद तारीखों की घोषणा की जाएगी. आईपीएल के 14वें संस्करण के 31 मैच खेले जाने बाकी हैं. ये सभी मुकाबले यूएई में होंगे.



आईपीएल में 6 खिलाड़ी, 2 सपोर्ट स्टाफ और एक बस क्लीनर कोरोना से संक्रमित हो गए थे. इसके बाद आईपीएल को बीच में ही रोकना पड़ा था. ऐसा पहली बार होगा जब लगातार दूसरे साल टी-20 लीग का आयोजन यूएई में होगा. पिछले साल कोरोना के कारण आईपीएल 2020 का आयोजन यूएई में ही हुआ था. 43वीं GST परिषद की बैठक के दौरान लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में कोविड-19 राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट, ब्लैक फंगस को नियंत्रित करने के लिए नशीली दवाओं के उपयोग को छूट सूची में शामिल करना, वार्षिक रिटर्न की फाइलिंग को आसान बनाने के लिए CGST अधिनियम में संशोधन की सिफारिश जैसे कई अन्य फैसले शामिल है. वित्त मंत्री ने GST परिषद की इस 43वीं बैठक के दौरान, जल्दी से मंत्रियों का एक समूह बनाने का निर्णय लिया और यह घोषणा की थी कि, जो 10 दिनों के भीतर - 08 जून को या उससे पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए GST परिषद ने एम्फोटेरिसिन बी को भी छूट उस सूची में शामिल किया है जिसमें अन्य कोविड राहत सामग्री भी शामिल है. ओडिशा के मुख्य सचिव सुरेश महापात्र ने बताया कि पहले से लागू सभी प्रतिबंधों का इस चरण में भी पालन किया जाएगा. कोरोना संक्रमण के मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिला है. ऐसे में सभी राज्यों ने अपने-अपने स्तर पर पाबंदियों में थोड़ी ढील दे रही हैं. मुख्य सचिव एस सी महापात्र ने कहा कि लॉकडाउन का मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित करना है, न कि सामानों की. पिछले लॉकडाउन के सभी प्रतिबंधों और छूटों को तीसरे चरण में भी लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सप्ताहांत बंद भी जारी रहेगा. 🛑प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई, 2021 को बच्चों के लिए PM-CARES योजना के तहत, COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए कई उपायों को मंजूरी दी है. इन उपायों में मुफ्त शिक्षा और प्रत्येक बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष बनाना शामिल है, जो उन्हें 23 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर दिया जाएगा. COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों का समर्थन करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक बैठक के दौरान ये निर्णय लिए गए. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि, बच्चे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारत बच्चों का समर्थन और सुरक्षा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा ताकि वे एक मजबूत नागरिक के तौर पर विकसित हों और उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके. • COVID-19 के कारण अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को खोने वाले सभी बच्चों को PM-CARES फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत सहायता दी जाएगी. • इस योजना के तहत योगदान PM-CARES फंड के माध्यम से तब तक किया जाएगा जब तक कि वे 18 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेते, ताकि COVID-19 के कारण अनाथ प्रत्येक बच्चे के लिए 10 लाख रुपये का कोष तैयार किया जा सके. • इन अनाथ बच्चों को इस अवधि के दौरान, उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की देखभाल करने के लिए 18 वर्ष से शुरू होकर 23 वर्ष पूर्ण करने तक पांच वर्षों के लिए मासिक वजीफा दिया जाएगा. • जब बच्चे 23 साल के हो जाएंगे, तो उन्हें पेशेवर या निजी इस्तेमाल के लिए 10 लाख रुपये की पूरी राशि दी जाएगी. • PM-CARES फॉर चिल्ड्रन योजना ऐसे बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करेगी. 10 साल से कम उम्र के बच्चों को डे स्कॉलर के तौर पर नजदीकी केंद्रीय विद्यालयों या निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा. • नोटबुक, पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीदने सहित बच्चे की शिक्षा से संबंधित सभी खर्चों को PM-CARES फंड के तहत पूरा किया जाएगा.



कोरोना वायरस महामारी के कारण लगभग 577 बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया है. केंद्र सरकार राज्य सरकारों के समन्वय से इन सभी अनाथ बच्चों की लगातार निगरानी कर रही है. 🛑वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 मई, 2021 को वस्तु एवं सेवा कर (GST) की 43वीं आभासी बैठक की अध्यक्षता की. 43वीं GST परिषद की बैठक के दौरान लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में कोविड-19 राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट, ब्लैक फंगस को नियंत्रित करने के लिए नशीली दवाओं के उपयोग को छूट सूची में शामिल करना, वार्षिक रिटर्न की फाइलिंग को आसान बनाने के लिए CGST अधिनियम में संशोधन की सिफारिश जैसे कई अन्य फैसले शामिल है. Issues of COVID-related equipment was one of the items on the agenda that had a very detailed discussion. Many issues were raised & discussed....The Council has decided to exempt the import of relief items till 31st August 2021: FM Nirmala Sitharaman after 43rd GST Council meet pic.twitter.com/tFh9mniL7W • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा की है कि, GST परिषद ने 31 अगस्त, 2021 तक COVID-19 संबंधित विभिन्न वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है. • वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि, कोविड राहत उपकरणों के लिए तदर्थ (एडहॉक) छूट दी गई है. GST परिषद ने 31 अगस्त, 2021 तक बढ़ाई गई इस छूट के साथ, इनमें से कई वस्तुओं के आयात को छूट देने का फैसला किया है.



• वित्त मंत्री ने GST परिषद की इस 43वीं बैठक के दौरान, जल्दी से मंत्रियों का एक समूह बनाने का निर्णय लिया और यह घोषणा की थी कि, जो 10 दिनों के भीतर - 08 जून को या उससे पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. • देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए GST परिषद ने एम्फोटेरिसिन बी को भी छूट उस सूची में शामिल किया है जिसमें अन्य कोविड राहत सामग्री भी शामिल है. • केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह बताया कि, कुछ सबसे बड़े फैसलों में से एक फैसला, छोटे और मध्यम आकार के करदाताओं पर अनुपालन बोझ को कम करना है. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि, दो वैक्सीन निर्माताओं को अग्रिम भुगतान के रूप में 4,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. सरकार ने टीकों के लिए यूरोपीय संघ, जापानी सहित विभिन्न निर्माताओं/ आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत की है. • वार्षिक रिटर्न फाइलिंग को भी सरल बनाया गया है. GST परिषद ने CGST अधिनियम में संशोधन करने की सिफारिश की है ताकि सुलह बयानों के स्व-प्रमाणन को चार्टर्ड एकाउंटेंट्स द्वारा प्रमाणित करने के बजाय, स्वयं प्रमाणन को अनुमति दी जा सके. • 02 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले छोटे करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक रिटर्न फाइलिंग भी वैकल्पिक बनी रहेगी. • GST मुआवजा उपकर पर वर्ष, 2021 में भी पिछले साल की तरह ही फॉर्मूला अपनाया जाएगा. एक मोटा अनुमान यह है कि, केंद्र सरकार को 01.58 लाख करोड़रुपये उधार लेने पड़ेंगे और यह राशि देश के विभिन्न राज्यों को प्रदान करनी होगी. • केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि, चूंकि सरकार पिछले 05 वर्षों के आखिरी वर्ष में यह 14% मुआवजा संरक्षित राजस्व व्यवस्था लागू कर रही है, एक विशेष GST परिषद के सत्र में इस बारे में विस्तार से चर्चा करके निर्णय लिया जायेगा. • 05 अक्टूबर, 2020 को हुई GST परिषद की 42वीं बैठक में मुआवजा उपकर की वसूली को 05 साल की संक्रमण अवधि से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया था. • देश के विभिन्न राज्यों के अनुरोध पर, उधार विकल्प के तहत सरकार ने कमी राशि (शॉर्टफाल अमाउंट) को 97,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 01.10 लाख करोड़ रुपये कर दिया. GST परिषद एक शीर्ष निकाय है जो कर की प्रयोज्यता और केंद्र और राज्य सरकारों के बीच दोहरे नियंत्रण की सीमा के संबंध में निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है.


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