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समाचार 5.6.21

Updated: Jun 7, 2021

करेंट अफेयर्स एक पंक्ति को नए रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसमें एशियाई विकास बैंक और कोरोना वायरस आदि को सम्मलित किया गया है. • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की है कि वह जिस ग्रह के लिए वर्ष 2028 से 2030 के बीच दो अभियान भेजेगा- शुक्र ग्रह • जिस देश ने स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देने हेतु सदस्य देशों में इन्क्यूबेटरों का एक नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से एक वैश्विक पहल ‘मिशन इनोवेशन क्लीनटेक एक्सचेंज’ लांच किया- भारत • न्यूजीलैंड के जिस बल्लेबाज ने लार्ड्स में अपने पदार्पण टेस्ट मैच में सर्वाधिक स्कोर बनाने का पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का 25 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया- भारत • नीति आयोग के एसडीजी भारत सूचकांक 2020-21 में जिस राज्य ने अपनी शीर्ष स्थान बरकरार रखा है- केरल



• जिस देश के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ का 91 साल की उम्र में 03 जून 2021 को निधन गया- मॉरीशस • असम साहित्य सभा के जिस पूर्व अध्यक्ष और प्रख्यात साहित्यकार का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया- लक्ष्मीनंदन बोरा • फोर्ब्स की तरफ से जारी ताजा रैंकिंग में सर्वाधिक कमाई करने वाले 100 खिलाड़ियों की सूची में जिस एकमात्र भारतीय खिलाड़ी को 197 करोड़ रूपए कमाई के साथ 59वां नंबर प्राप्त हुआ है- विराट कोहली • एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने जिस राज्य में सड़क के बुनियादी ढांचे का उन्नयन करने हेतु केंद्र सरकार के साथ 25 लाख डॉलर की ऋण सहायता के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये- सिक्किम

🛑नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एजेंसी (NASA) ने 02 जून, 2021 को वर्ष, 2028 और वर्ष, 2030 के बीच शुक्र ग्रह पर अपने दो नए वैज्ञानिक मिशन शुरू करने की अपनी योजना की घोषणा की है. NASA द्वारा पृथ्वी की इस ‘तथाकथित बहन’ ग्रह के लिए ये दोनों ही मिशन, कई दशकों में अपनी किस्म के पहले मिशन होंगे और ये दोनों मिशन इस ग्रह के वातावरण और भूगर्भीय विशेषताओं का अध्ययन करेंगे. संयुक्त राज्य अमेरिका की इस अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, वह इन दोनों मिशनों में से, प्रत्येक मिशन के विकास के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर की राशि प्रदान कर रही थी. In today's #StateOfNASA address, we announced two new @NASASolarSystem missions to study the planet Venus, which we haven't visited in over 30 years! DAVINCI+ will analyze Venus’ atmosphere, and VERITAS will map Venus’ surface. pic.twitter.com/yC5Etbpgb8



उन्हें डेविंसी+ (डीप एटमॉस्फियर वीनस इन्वेस्टिगेशन ऑफ नोबल गैसेस, केमिस्ट्री, और इमेजिंग का संक्षिप्त रूप) और वेरिटास (वीनस एमिसिविटी, रेडियो साइंस, InSAR, टोपोग्राफी और स्पेक्ट्रोस्कोपी के लिए एक संक्षिप्त नाम) के तौर पर डब किया गया है. डेविंसी+ यह घने वीनसियन वातावरण की संरचना को मापेगा और यह समझने की कोशिश करेगा कि यह कैसे विकसित हुआ. डेविंसी+ में एक फ्लाई-बाय अंतरिक्ष यान और एक वायुमंडलीय उतरान (डिसेंट) जांच भी शामिल होगी. इसके द्वारा शुक्र पर 'टेसेरा' नामक अद्वितीय भूवैज्ञानिक विशेषताओं की पहली उच्च-रिज़ॉल्यूशन छवियों को पृथ्वी पर भेजने की उम्मीद है. वैज्ञानिकों का मानना ​​​​है कि उन विशेषताओं की तुलना पृथ्वी के महाद्वीपों से की जा सकती है और वे यह सुझाव भी देते हैं कि, शुक्र के पास प्लेट टेक्टोनिक्स हैं. वेरिटास यह शुक्र ग्रह के भूवैज्ञानिक इतिहास को निर्धारित करने में मदद करने के लिए इसकी कक्षा से ही इस ग्रह की सतह का मानचित्रण करेगा और यह भी जानने का प्रयास करेगा कि, इस ग्रह का विकास पृथ्वी से इतना अलग क्यों हुआ था. शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है और यह पृथ्वी का निकटतम पड़ोसी ग्रह भी है. यह संरचना में पृथ्वी के समान है, लेकिन लगभग 12,000 किलोमीटर (7,500 मील) के व्यास के साथ थोड़ा छोटा है. शुक्र के पूर्वाभास परिदेश्य के ऊपर एक जहरीला, घना वातावरण है जिसमें मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड होता है, इसके साथ ही शुक्र के वातावरण में सल्फ्यूरिक एसिड की बूंदों के बादल भी होते हैं. इसका परिणाम एक अस्थिर ग्रीनहाउस प्रभाव होता है जो ग्रह की सतह को 880 डिग्री फ़ारेनहाइट (471 सेल्सियस) के उच्च तापमान पर झुलसाता है. यह तापमान सीसा को पिघलाने के लिए भी पर्याप्त गर्म होता है. इस मिशन की घोषणा करते हुए, NASA के विज्ञान के संबद्ध प्रशासक ने यह कहा कि, NASA अपने ग्रह विज्ञान कार्यक्रम को एक ऐसी दुनिया की गहन खोज के साथ पुनर्जीवित करेगा जिसे NASA ने पिछले 30 वर्षों में नहीं देखा है.

🛑टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स,के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से मौद्रिक नीति समिति और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं. यह लगातार छठीं बार है, जब आरबीआई ने इन दरों को स्थिर रखा है. इसका मतलब हुआ कि रेपो रेट को 4 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है और रिवर्स रेपो रेट भी पहले की ही तरह 3.35 प्रतिशत पर बनी रहेंगी. मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर और बैंक दर 4.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित हैं. रिवर्स रेपो रेट में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की समीक्षा बैठक के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 04 जून को कहा कि प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा गया है और आर्थिक वृद्धि को मजबूत बनाने में मदद के लिए मौद्रिक नीति में नरम रुख जारी रहेगा. केंद्र सरकार के अनुसार, देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर यह फैसला लिया गया है. नए संशोधन के अनुसार, अब किसी भी खुफिया या सुरक्षा से संबंधित संगठन के अधिकारियों को एक अंडरटेकिंग देनी होगा कि वे सेवा में रहते हुए या सेवानिवृत्ति के बाद संगठन से संबंधित कोई भी जानकारी प्रकाशित नहीं करेंगे, किसी भी सामग्री को प्रकाशित करने के लिए उन्हें पूर्व अनुमति लेनी होगी.



संशोधित नियमों के मुताबिक, जिम्मेदार अधिकारी को यह तय करने का अधिकार होगा कि प्रकाशन के लिए प्रस्तावित सामग्री संवेदनशील है या असंवेदनशील है. साथ ही यह देखेंगे कि यह सामग्री संगठन के क्षेत्राधिकार में आता है या नहीं. यानी संबंधित संगठन के प्रमुख यह तय करेंगे कि प्रकाशन के लिए मामला संवेदनशील है या नहीं या संगठन के डोमेन में आता है. डॉ. राजीव कुमार, उपाध्यक्ष, नीति आयोग ने “SDG इंडिया इंडेक्स एंड डैशबोर्ड 2020-21: पार्टनरशिप्स इन द डिकेड ऑफ एक्शन” शीर्षक वाली रिपोर्ट लॉन्च की. अमिताभ कांत, CEO, नीति आयोग, डॉ विनोद पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग, और संयुक्ता समद्दर, सलाहकार (SGDs), नीति आयोग इस लॉन्च कार्यक्रम में उपस्थित थे. SDG इंडिया इंडेक्स 2020-21 आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मानकों के आधार पर भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति को मापता है. नीति आयोग के SDG इंडिया इंडेक्स 2020-21 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य छत्तीसगढ़, नागालैंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, असम, झारखंड और सबसे निचले पायदान पर बिहार हैं. केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस कदम से देश भर में आवासीय किराया संबंधी कानूनी ढांचे को व्यवस्थित करने में सहायता मिलेगी. मॉडल किरायेदारी अधिनियम का मसौदा अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा जाएगा. इसे नया कानून बनाकर या वर्तमान किरायेदार कानून में उपयुक्त संशोधन करके लागू किया जा सकता है. इस कानून के तहत सभी नए किरायेदारों के साथ लिखित समझौता करना होगा और उसे संबंधित जिले के किराया प्राधिकार के पास जमा कराना होगा. किराया और उसकी अवधि मालिक व किरायेदार की आपसी सहमति से लिखित रूप में तय होगी. सरकार ने कहा कि माडल टेनेंसी एक्ट को संभावनाओं के साथ लागू किया जाएगा. जागरण जोश से साभार


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