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हिंदी समसामयिकी 15 April 21

सोनम ने ग्रुप बी के मैचों में चीन की जिया लोंग और चीनी ताइपे की हसीन पिंग पाल को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. उन्होंने कजाकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अय्युलम कासिमोवा को हराया. भारत में अब कुल छह पहलवान, तीन महिला पहलवान और तीन पुरुष पहलवान हैं, जिन्होंने आगामी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है. भारतीय पहलवानों की महिला टीम में विनेश फोगट (53 किग्रा.), अंशु मलिक (57 किग्रा.), सोनम मलिक (62 किग्रा.) हैं और पुरुष टीम में रवि दहिया (57 किग्रा.), बजरंग पुनिया (65 किग्रा.) और दीपक पुनिया (86 किग्रा.) हैं. भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों को लाइट बुलेट प्रूफ व्हेकिल (एलबीपीवी) कहा जाता है. इनका इस्तेमाल एयरबेस पर किसी आतंकी हमले के दौरान किया जाएगा. छह टन के इस वाहन को इस तरह से डिजाइन और विकसित किया गया है कि इसका इंजन आगे और पीछे दोनों तरफ से छिपा रहता है.



इस गाड़ी में चौतरफा सुरक्षित कैनोपी है जिससे गनर चारो तरफ निशाना साधकर गोलियां बरसा सकता है. इसे 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. टायर पंचर होने की स्थिति में भी इसे चलाया जा सकता है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 14 अप्रैल को रात 8 बजे से सूबे में धारा 144 लागू करने का घोषणा किया है. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में अगले 15 दिन तक संचार बंदी लागू की जाएगी. उन्होंने लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल न करते हुए इसे 'ब्रेक द चेन अभियान' करार दिया. कर्फ्यू के दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं को छूट, दवा की दुकानें खुली रहेंगी, दवा और खाने की होम डिलिवरी भी होगी. ई-कॉमर्स सेवा (जरूरी वस्तुओं की डिलीवरी), पेट्रोल पंप और सेबी से जुड़़े वित्तीय संस्थान खुले रहेंगे. एटीएम खुले रहेंगे और बैंकों में कामकाज जारी रहेगा. अब समुद्र से मछली पकड़ने वालों को बेहतर कीमत मिल सकेगी. अब वे अपने समुद्री उत्पादों की बिक्री सीधे निर्यातक को कर सकेंगे. इसके लिए सरकार ने एक ई कामर्स पोर्टल ई-संता (e-santa) शुरू किया है. ई-सैंटा, समुद्री उत्‍पाद निर्यात विकास प्राधिकरण का ही एक अंग है. पीयूष गोयल के मुताबिक ई-संता सामूहिक रूप से उत्पादों को खरीदने वाले, मछुआरों एवं मत्स्य उत्पादक संगठनों को एक साथ लाने का एक माध्यम बन सकता है, और इससे भारत एवं विश्व के लोग ये जान सकते हैं कि क्या उपलब्ध है. यह भविष्य में एक नीलामी मंच भी बन सकता है.

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थ्वाइट्स ग्लेशियर, जिसे 'डूमसडे ग्लेशियर' भी कहा जाता है, के एक अध्ययन में स्वीडन की यूनिवर्सिटी ऑफ गोथेनबर्ग के शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि, यह ग्लेशियर पहले से अनुमानित गति से भी तीव्र गति से पिघल रहा है. शोधकर्ताओं ने ‘रन’ नामक एक चालक दल रहित पनडुब्बी की मदद से थ्वाइट्स ग्लेशियर के नीचे समुद्र की धाराओं के तापमान, लवणता, शक्ति, और ऑक्सीजन की मात्रा को मापने में कामयाबी हासिल की. अंटार्कटिका में थवाइट्स ग्लेशियर को डूम्सडे (कयामत/ प्रलय का दिन) ग्लेशियर भी कहा जाता है. इसके एक बार पिघलने के बाद दुनिया को होने वाले जोखिम के कारण इसे यह नाम मिला है. थ्वाइट्स ग्लेशियर 1.9 लाख वर्ग किलोमीटर के आकार और 120 किमी की चौड़ाई के साथ, सबसे अस्थिर पिघलने वाला ग्लेशियर है. विभिन्न अध्ययनों से लगाये गये एक अनुमान के मुताबिक, इस ग्लेशियर के पिघलने से पश्चिमी अंटार्कटिका में अन्य बर्फ द्रव्यमानों के पिघलने का भी खतरा हो सकता है. इसके संचयी प्रभाव के कारण वैश्विक समुद्र का स्तर 10 फीट तक बढ़ सकता है और यह नीदरलैंड, मियामी और न्यूयॉर्क शहर जैसे तटीय क्षेत्रों को जलमग्न कर सकता है.



• वर्ष, 2020 में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय ने एक अध्ययन किया था और ग्लेशियर के नीचे गर्म पानी की एक धारा पाई थी. इस टीम ने ग्लेशियर में एक छेद खोदा और एक संवेदन उपकरण के साथ उन्होंने गर्म पानी की धारा का तापमान हिमांक बिंदु से सिर्फ दो डिग्री अधिक दर्ज किया. • यह अध्ययन, एक 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की परियोजना के एक हिस्से के तौर पर, इंटरनेशनल थ्वाइट्स ग्लेशियर सहयोग द्वारा आयोजित किया गया, जिससे वैज्ञानिकों ने यह निष्कर्ष निकाला कि, यह ग्लेशियर आने वाले 200 वर्षों से 600 वर्षों तक पिघल जाने की उम्मीद है. नतीजतन, इसके परिणामस्वरूप समुद्र का स्तर लगभग 2 फीट तक बढ़ जाएगा. • हाल ही में हुए एक अध्ययन में स्वीडन की गॉथेनबर्ग यूनिवर्सिटी ने डाटा को एकत्रित करने के लिए थवाइट्स ग्लेशियर के नीचे एक ‘रन’ नामक चालक दल रहित पनडुब्बी को भेजा था. शोधकर्ताओं ने इस असाधारण कार्य को खुशखबरी बताया है क्योंकि यह पहली बार है कि, इस तरह से एकत्र किए गए डाटा से थवाइट्स ग्लेशियर की गतिशीलता की गणना करने में मदद मिलेगी. इससे शोधकर्ताओं को वैश्विक समुद्र-स्तर के बदलाव और आइस बेल्ट के आसपास के मॉडल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.


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