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हिंदी समाचार 3- 13 April 21

दैनिक समसामयिकी


13 April 2021(Tuesday)


INTERNATIONAL


1.अमेरिकी थिंक टैंक ने भी माना- सिर्फ भारत में ही है उभरते चीन को रोकने का दम, ताकत भी गिनाए

• चीन अपनी विस्तारवाद नीतियों के कारण पूरी दुनिया की नजरों पर है। कई देश तो चीन की उभरती ताकत से ना सिर्फ परेशान हैं, बल्कि डरे भी हुए हैं। हालांकि भारतीय नेतृत्व और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों ने हमेशा ड्रैगन से आंख मिलाकर बात की है।

• प्रधानमंत्री ने तो चीन की विस्तारवाद नीतियों की खुलेआम आलोचना की है। इतना ही नहीं, हाल में तो चीनी सैनिकों को एलएसी पर से अपने कदम पीछे खीचने के लिए मजबूर कर दिया गया। भारत की इस जवाबी ताकत का लोहा दुनिया के ताकतवर देश भी मानने लगे हैं।

• विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) नीति संबंधी मुख्य अमेरिकी थिंक टैंक का कहना है कि अमेरिका उभरते चीन को रोकना चाहता है और ऐसे में उसके लिए भारत से महत्वपूर्ण कोई अन्य देश नहीं है, जिसके पास अत्यंत दक्ष तकनीकी पेशेवर हैं और जिसके अमेरिका के साथ मजबूत राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं।

• थिंक टैंक 'इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन (आईटीआईएफ) ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह कहा। उसने अमेरिका को भारत पर ''अत्यधिक निर्भर होने को लेकर सचेत करते हुए यह भी कहा कि यदि दोनों देशों के बीच बौद्धिक सम्पदा, डेटा संचालन, शुल्क, कर, स्थानीय विषय वस्तु की आवश्यकताएं या व्यक्तिगत निजता जैसे मामलों पर बड़े मतभेद पैदा होते हैं, तो आईसी सेवा प्रदाता भारत रणनीतिक समस्या बन सकता है।

• रिपोर्ट में सबसे खराब और सबसे अच्छे परिदृश्यों पर गौर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक परिदृश्य यह है कि भारत और चीन के बीच तनाव कम हो और दोनों पड़ोसी देशों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत हों। ऐसी स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था पूर्व दिशा की ओर स्थानांतरित हो जाएगी और अमेरिका इस बारे में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

• रिपोर्ट के अनुसार, दूसरा परिदृश्य यह है कि चीन के कारण आर्थिक, सैन्य और अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ी चुनौतियां बढ़ने के बीच भारत और अमेरिका के हित समान हों। ऐसी स्थिति में अधिकतर विकसित देशों में लोकतांत्रिक नियम कायम रहेंगे, क्योंकि विकासशील देश 'बीजिंग मॉडल के बजाए 'दिल्ली मॉडल को देखेंगे।

• थिंक टैंक ने कहा, ''अमेरिका उभरते चीन को रोकना चाहता है और ऐसे में, भारत से महत्वपूर्ण कोई अन्य देश नहीं है, जिसका आकार बहुत बड़ा है, जिसके पास अत्यधिक कुशल तकनीकी पेशेवर हैं और जिसके अमेरिका के साथ मजबूत राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं।''

• आईटीआईएफ के सदस्य एवं रिपोर्ट के सह लेखक डेविड मोशेला ने कहा कि जो ताकतें अमेरिका और चीन के बीच मतभेद बढ़ा रही हैं, वही ताकतें अमेरिका और भारत को निकट ला रही हैं। उन्होंने कहा, ''अमेरिका, भारत और चीन के संबंध आगामी कई वर्षों तक वैश्विक प्रतिद्वंद्वता और डिजिटल नवोन्मेष को आकार देंगे।

• व्यापक संभावित परिदृश्य होने के बीच दो बातें स्पष्ट हैं: चीन से मुकाबला करने और उस पर निर्भरता को कम करने के लिए भारत को अमेरिकी प्रयासों का अहम हिस्सा होना चाहिए और इससे अमेरिका की वैश्विक निर्भरताएं विनिर्माण से लेकर सेवा क्षेत्र तक अवश्य बढ़ जाएंगी।''

• रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत अनुसंधान एवं विकास, नवोन्मेष केंद्रों, मशीनों संबंधी जानकारी, विश्लेषण, उत्पाद के डिजाइन एवं जांच और आईटी एवं जीव विज्ञान समेत विभिन्न क्षेत्रों में अहम प्रगति कर रहा है।


2. रायसीना डायलॉग आज से शुरू, दुनिया के कई नेता करेंगे शिरकत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करेंगे संबोधित

• भारत का प्रमुख वैश्विक सम्मेलन- रायसीना डायलॉग मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक वीडियो संदेश के साथ शुरू होगा।संवाद का छठा संस्करण, 13 से 16 अप्रैल तक कोरोना वायरस महामारी को लेकर आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इसमें 50 देशों और बहुपक्षीय संगठनों के 150 वक्ताओं की भागीदारी के साथ कुल 50 सत्र होंगे।

• विश्व के कई नेता और गणमान्य व्यक्ति संवाद में भाग ले रहे हैं। यह संवाद विदेश मंत्रालय (एमईए) और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री 13 अप्रैल को एक वीडियो संदेश के माध्यम से संवाद का उद्घाटन करेंगे। रवांडा के राष्ट्रपति, पॉल कागामे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन भी मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे।

• विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कुल 50 सत्र आयोजित किए जाएंगे और 50 देशों के 150 वक्ता और बहुपक्षीय संगठन इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। 80 से अधिक देशों से 2,000 से अधिक प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन किया है और बड़ी संख्या में प्रतिभागी सोशल मीडिया के माध्यम से सम्मेलन में भाग लेंगे।

• सिंगापुर, जापान, पुर्तगाल और 14 अन्य देशों के विदेश मंत्री भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा “इस कार्यक्रम में स्वीडन के पूर्व प्रधान मंत्री कार्ल बिल्ड्ट, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधान मंत्री एंथनी एबॉट और न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधान मंत्री हेलेन क्लार्क भी शिरकत करेंगे।''

• 2016 में शुरू हुS रायसीना डायलॉग में राजनीति, व्यापार, मीडिया और अन्य क्षेत्र के नेताओं को दुनिया की स्थिति पर चर्चा करने और कई समकालीन मामलों पर सहयोग के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित करता है।


3. ब्राजील में दो करोड़ लोग भूखे मरने को मजबूर, आधी आबादी का पेट अधभरा; कोरोना से बढ़ी महंगाई और बेरोजगारी

• ब्राजील में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर रोज हजारों लोगों की मौत हो रही हैं। कब्रिस्तानों में लाशें दफन करने की जगह नहीं बची है। दूसरी ओर, ब्राजील में करीब दो करोड़ लोग कोरोना से उपजे हालातों के कारण भूख से जूझ रहे हैं। आलम ये है कि कुल 21.1 करोड़ की आबादी में से लगभग आधे लोगों को ठीक से भोजन नसीब नहीं हो रहा।

• यह जानकारी सामने आई है ब्राजील के ब्राजील के खाद्य संप्रभुता और पोषण सुरक्षा अनुसंधान नेटवर्क की रिपोर्ट में। नेटवर्क के अध्यक्ष रेनाटो मालूफ कहते हैं कि शहरों में तो फिर भी लोग सड़कों पर निकलकर खाना मांग सकते हैं। लेकिन गांवों में हालात बहुत खराब हैं, क्योंकि वहां सड़कों पर खाना देने वाला भी नहीं मिलेगा।

• विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति का कारण है कोरोना के कारण बढ़ी बेकारी और बेतहाशा बढ़े जरूरी चीजों के दाम। ब्राजील इंस्टिट्यूट ऑफ ज्योग्राफी एंड स्टेटिक्स के अनुसार बीते एक साल में देश में चावल के दाम 70% और घरेलू गैस के 20% तक बढ़े हैं।

ब्रिटेन: अनलॉक की प्रक्रिया शुरू, गैरजरूरी दुकानें, सैलून खुले

• ब्रिटेन में 12 अप्रैल से प्रस्तावित अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई। गैरजरूरी दुकाने और हेयरसैलून कुल गए। पीएम जॉनसन ने सोमवार को कहा कि खुशियां मनाएं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और सावधानी का पूरी ख्याल रखें।

• जॉनसन ने 4 जून 6 महीने का योजनाबद्ध और चरणबद्ध लॉकडाउन घोषिक किया था। उसी समय 6 महीने का पूरा प्लान घोषित किया गया था कि कब, क्या और कैसे खुलेगा। अनलॉक के बाद दुकानों और हेयरसैलून पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। सामान के लिए लोग लाइनों में खड़े दिखे।

काम के लिए ब्राजील से यूएस गए लोगों का टीकाकरण नहीं

• रोजगार की तलाश में ब्राजील से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका जाते हैं। लेकिन कोरोना के कारण उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई है, वहां उन्हें टीका नहीं लगाया जा रहा। क्योंकि, इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस जैसे स्थानीय पहचान पत्र नहीं है। यूएस के 50 में 10 ही राज्यों ऐसे लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

जर्मनी में युवाओं में संक्रमण बढ़ा, यूके वैरियंट 90% मिला

• जर्मनी के रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के अनुसार वहां टेस्टिंग कम होने से केसों में वृद्धि हो रही है। इंस्टीट्यूट ने 70 अस्पतालों के डेटा के आधार पर पाया कि जर्मनी में युवाओं के कोरोना संक्रमित होने की दर तेजी से बढ़ रही है, इनमें सांस लेने में परेशानी प्रमुख लक्षण है। वहां 90% नए केस यूके वैरियंट के मिले।

बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान में भी लग सकता है लॉकडाउन

• कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से पाकिस्तान में भी लॉकडाउन लग सकता है। लाहौर में एक या दो हफ्ते के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन करने पर विचार चल रहा है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर की बैठक में प्रस्तुत किया गया है। इमरान से मंजूरी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


NATIONAL


4. सुशील चंद्रा होंगे अगले मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सुनील अरोड़ा की जगह संभालेंगे पदभार

• सुशील चंद्रा को अगला मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) बनाया गया है। वे वर्तमान सीईसी सुनील अरोड़ा की जगह लेंगे। चंद्रा अपना पदभार 13 अप्रैल से संभालेंगे। सुशील चंद्रा वर्तमान समय में निर्वाचन आयुक्त के पद पर तैनात हैं और सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त होने की वजह से उन्हें अगला मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाया जा रहा है।

• बता दें कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने दो दिसंबर 2018 में यह पदभार संभाला था। उन्होंने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत की जगह ली थी। सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने कई अहम राज्यों और लोकसभा का चुनाव संपन्न करवाया। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के अलावा, कोरोनाकाल में बिहार विधानसभा का चुनाव भी करवाया। वहीं, इस समय पश्चिम बंगाल, असम समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी सुनील अरोड़ा के ही नेतृत्व में करवाए जा रहे हैं।

• सुशील चंद्रा को लोकसभा चनावों से पहले 14 फरवरी 2019 को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। वह 14 मई 2022 को अपने इस नए पदभार से मुक्त होंगे। उनके नेतृत्व में निर्वाचन आयोग गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराएगा।

• गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल अगले साल मार्च में विभिन्न तारीखों पर पूरा हो रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को पूरा हो रहा है। निर्वाचन आयोग में कार्यभार संभालने से पूर्व चंद्रा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष थे।


5. जजों के लिए समान सेवानिवृत्ति आयु की मांग संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

• सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इन्कार कर दिया जिसमें हाई कोर्टो और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए समान सेवानिवृत्ति आयु की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत में जजों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष और हाई कोर्टो में 62 वर्ष है।

• प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी. रामासुब्रमणियन की पीठ ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय से कहा, 'आप चाहते हैं कि न्यायपालिका अपनी सेवानिवृत्ति की आयु खुद बढ़ाए? यह क्या है?' उपाध्याय ने कहा, 'मेरे कई दोस्त हैं जो हाई कोर्ट के जज नहीं बनना चाहते क्योंकि सेवानिवृत्ति की आयु कम है।'

• इस पर शीर्ष अदालत ने कहा, 'अगर उनका यही तर्क है तो उनकी सोच में ही कुछ गलत है.. और आप उन्हें अच्छा वकील कहते हैं। क्या आपने जजों से पूछा है कि क्या वे अपनी सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि करवाना चाहते हैं?'

• संक्षिप्त सुनवाई के बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अदालत याचिका पर सुनवाई नहीं करना चाहती और उपाध्याय से सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए कहा। इसके बाद उपाध्याय ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी जो अदालत ने प्रदान कर दी।


ECONOMY


6. 2021 में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज कर सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था: मूडीज

• कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर से भारत के वृद्धि पूर्वानुमान के लिए खतरा पैदा हो गया है। रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक पिछले साल के निम्न स्तर को देखते हुए जीडीपी वृद्धि दर दोहरे अंक में रह सकती है। मूडीज ने कहा कि वायरस का प्रकोप बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।

• मूडीज ने उम्मीद जताई कि संक्रमण की मौजूदा लहर से निपटने के लिए एक देशव्यापी लॉकडाउन के विपरीत छोटे-छोटे कटेंटमेंट जोन पर जोर दिया जाएगा, जिससे 2020 के मुकाबले आर्थिक गतिविधियां कम प्रभावित होंगी।

• मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस की वजह से कम मृत्यु दर (12 अप्रैल तक 1,70,179 मौतें दर्ज की गई हैं) और अपेक्षाकृत युवा आबादी भी इस जोखिम को कम करने में मदद करती है। 2020 में आर्थिक गतिविधियों के निचले स्तर को देखते हुए जीडीपी के अभी भी दो अंकों में बढ़ने की संभावना है।

• मूडीज ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर से आर्थिक सुधार को लेकर कुछ जोखिम पैदा हुए हैं, लेकिन लक्षित रोकथाम के उपायों और तेजी से टीकाकरण से नकारात्मक असर कम होगा। इससे पहले मूडीज ने फरवरी में अनुमान जताया था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 13.7 प्रतिशत रह सकती है।


SCIENCE


7. लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर का बडगाम टाउन हुआ टीबी मुक्त, 2025 तक इस बीमारी से देश को मुक्ति दिलाने का लक्ष्य


• केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर का बडगाम टाउन टीबी मुक्त हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा,' यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है और मुझे लगता है कि 2025 तक टीबी मुक्त भारत हो जाएगा।

• स्वास्थ्य मंत्री ने कहा,'आज मैंने WHO की दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रिय निदेशक और उनके अधिकारियों से देश में टीबी के उन्मूलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन के माध्यम से 2025 तक टीबी को खत्म करने के अभियान में लगे हुए WHO के 120 से ज्यादा सलाहकारों को संबोधित किया है'।

• बता दें कि टीबी रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। टीबी का उन्मूलन संभव है बशर्ते इसके लिए सभी लोग जागरूक हों और दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी आने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। लाकडाउन के बाद टीबी के मरीज अस्पतालों में कम पहुंच रहे हैं।

• इससे टीबी के मरीजों की पहचान करीब 25 फीसद कम हो गई है। दरअसल, लाकडाउन के दौरान टीबी के मरीजों का पंजीकरण करीब एक तिहाई कम हो गया था।

• इस साल दिल्ली में दो माह 23 दिन में टीबी के 20,337 मरीज पंजीकृत किए गए हैं, जो पिछले साल इस अवधि के दौरान पंजीकृत मरीजों की तुलना में 25.36 फीसद कम हैं। एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि कोरोना काल में दुनिया भर में टीबी के मरीजों की पहचान 25 फीसद कम हुई है।


ENVIRONMENT


8. भारत ने की जलवायु मुद्दों पर बनाए जा रहे दबाव की निंदा, कहा- विकासशील देशों को नीतियों में मिले राहत

• कोरोना की आपदा के बीच आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने की गतिविधियों को जलवायु मुद्दों से जोड़ने की कोशिशों की भारत ने आलोचना की है। दरअसल 30 और 31 अक्टूबर को रोम में जी-20 देशों की होने जा रही बैठक से पहले अमेरिका सहित अन्य विकसित देशों की ओर से विकासशील देशों पर ग्रीन तकनीक के लिए बनाया जा रहा दबाव भारत को रास नहीं आ रहा है। भारत का मानना है कि इससे विकासशील देशों में उत्पादन लागत बहुत बढ़ जाएगी।

• कोरोना से उबरने की प्रक्रिया के तहत अमेरिका सख्त जलवायु एजेंडा लागू करने के लिए दबाव बना रहा है। भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि महामारी से लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था को पाटरी पर लौटाने की कोशिशों के बीच व्यापार, निवेश और विकास के क्षेत्र में ग्रीन शर्ते लागू करना अर्थव्यस्था के लिए कोढ़ में खाज साबित होगा।

• वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन गंभीर मुद्दा है। लेकिन इसे अर्थव्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं लेना चाहिए। दिल्ली स्थित थिंक टैंक आरआइएस की ओर से आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन संबंधी अपने संकल्पों पर दृढ़ है। वह इस क्षेत्र में बहुत कुछ करना चाहता है। लेकिन अभी हमें जी-20 के फोरम से कोई स्पष्ट संदेश नहीं मिला है।

• सान्याल आर्गनाइजेशन फार इकोनमिक कोआपरेशन एंड डेवलपमेंट के उप निदेशक फ्रेड्रिको बोनगलिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। बोनगलिया ने कहा था कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन की नीतियों में राहत मिलनी चाहिए।

• उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन के संकट से ही कोरोना संकट पैदा हुआ है। इन मामलों को एक साथ हल करने का प्रयास होना चाहिए।


Source of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)


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