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हिंदी समाचार 22.5.21

🛑भारत के दिग्गज उद्योगपति गौतम अडाणी एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के अनुसार संपत्ति के मामले में चीन को झोंग शानशान (Zhong Shanshan) को पछाड़कर अडाणी ने यह स्थान हासिल किया है. वे एशिया के दूसरे सबसे अधिक अमीर शख्स बन गए है. अडाणी समूह के कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ माह में जबरदस्त तेजी की बदौलत वैश्विक अमीरों की लिस्ट में गौतम अडाणी के स्थान में लगातार सुधार हुआ है. वे ब्लूमबर्ग की इस लिस्ट में 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी 13वें स्थान पर हैं. इस तरह अडाणी ब्लूमबर्ग लिस्ट में अंबानी से एक पायदान ही पीछे हैं. ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी की कुल नेट वर्थ 66.5 बिलियन डॉलर है. इस साल गौतम की संपत्ति में लगभग 32.7 डॉलर का इजाफा देखने को मिला. वहीं अंबानी की कुल संपत्ति 76.5 बिलियन डॉलर आंकी गई है. वहीं, चीन के झोंग शानशान की कुल नेट वर्थ 63.6 बिलियन डॉलर रहा. मुकेश अंबानी ने फरवरी महीने में चीन के शानशान को पीछे छोड़ दिया था और वो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे. बता दें, साल 2021 की शुरुआती महीनों में शानशान ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की श्रेणी में छठे स्थान पर अपनी जगह बनायी थी. वहीं, ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स की कुल संपत्ति 141 बिलियर डॉलर रही और चौथे स्थान पर हैं. फेसबुक के मार्क जुकरबर्क पांचवे स्थान पर हैं.



अमीर व्यक्ति देश नेट वर्थ जेफ बेजोस अमेरिका 18900 करोड़ डॉलर एलन मस्क अमेरिका 16300 करोड़ डॉलर बरनार्ड अरनाल्ट फ्रांस 16200 करोड़ डॉलर बिल गेट्स अमेरिका 14200 करोड़ डॉलर मार्क जुकरबर्ग अमेरिका 11900 करोड़ डॉलर वॉरेन बफ अमेरिका 10800 करोड़ डॉलर लैरी पेज अमेरिका 10600 करोड़ डॉलर सरजेई बिन अमेरिका 10200 करोड़ डॉलर लैरी एलिसन अमेरिका 9120 करोड़ डॉलर स्टीव बामर अमेरिका 8920 करोड़ डॉलर अडानी ग्रुप की 6 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड है. इन कंपनियों में अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल जोन, अडानी टोटल गैस, अडानी ट्रांसमिशन, अडानी पावर और अडानी ग्रीन एनर्जी शामिल हैं.

🛑टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स प्रत्येक साल 21 मई को मनाए जाने वाले आतंकवाद विरोधी दिवस पर युवाओं सहित समाज के अन्य वर्गों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है. आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का उद्देश्य राष्ट्रीय हितों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, आतंकवाद के कारण आम जनता को हो रहीं परेशानियों, आतंकी हिंसा से दूर रखना है. आतंकवाद विरोधी दिवस के दिन ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मृत्यु हुई थी इसलिए इस रोज कई जगहों पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है. आतंकवाद और उसके दुष्प्रभावों को उजागर करने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन रैलियां निकालकर भी लोगों को जागरूक किया जाता है. इस हिमखंड की लंबाई लगभग 170 किमी है जबकि इसकी चौड़ाई करीब 25 किमी है. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के अनुसार अंटार्कटिका के वेडेल सागर में रोने आईस शेल्फ के पश्चिम हिस्‍से में हुआ है. इसका पता ईएसए ने कॉपरनिकस सेंटीनल सेटेलाइट से लगाया है.



विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण अंटार्कटिका की बर्फ की चादर गर्म होकर पिघल रही है. इस वजह से ग्लेशियर पीछे हट रहे हैं. जैसे ही ग्लेशियर पीछे हटते हैं, बर्फ के टुकड़े टूट जाते हैं और समुद्र में तब तक तैरते रहते हैं जब तक कि वे पूरी तरह से अलग नहीं हो जाते या जमीन से टकरा नहीं जाते. यहूदी लोगों ने 4,000 से अधिक वर्षों से इज़राइल की भूमि पर अपना दावा किया है, जो प्रागैतिहासिक काल से पहले की अवधि है. यहूदी लोगों का यह दावा है कि, परमेश्वर ने पितामह इब्राहिम को इजराइल की भूमि देने का वादा किया था. इजरायल दो हजार वर्षों में दुनिया का पहला यहूदी राज्य है. आधुनिक समय का इज़राइल ज़िओनिज़्म आंदोलन के दौर में अपने मूल तक वापस जाता है जब पत्रकार थियोडोर हर्ज़ल ने यहूदी राज्य की वकालत यहूदी-विरोधी भावना के समाधान के तौर पर करनी शुरू कर दी थी. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर ब्लैक फंगस के लिए अलर्ट किया है. वहीं राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना और तमिलनाडु इस ब्लैक फंगस को पहले ही महामारी घोषित कर चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को इसकी जांच, निदान और प्रबंधन पर स्वास्थ्य मंत्रालय व आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में कहा है कि फंगस संक्रमण का परिणाम कोविड रोगियों में दीर्घकालिक रुग्णता और मौतों की संख्या में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है.

🛑रूस और चीन ने 19 मई, 2021 को अपनी सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा परियोजना का शिलान्यास किया है. इस परियोजना के तहत, मास्को संयुक्त रूप से दो चीनी शहरों में चार उच्च शक्ति वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण करेगा. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यह बताया है कि, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय परमाणु ऊर्जा सहयोग परियोजना के शिलान्यास समारोह को देखने के लिए बीजिंग में आभासी तौर पर शामिल हुए थे. इस परमाणु ऊर्जा परियोजना के साथ, चीन और रूस ने अपने घनिष्ठ संबंधों को सफलतापूर्वक और अधिक मजबूत कर लिया है क्योंकि वे विभिन्न मुद्दों पर संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ से बढ़ती प्रतिकूलताओं का सामना कर रहे हैं.

चीन और रूस ने वर्ष, 2018 में एक पैकेज सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके तहत, ये दोनों देश संयुक्त रूप से चीन के तियानवान में स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाइयों 7 और 8 के साथ-साथ, जुडापु परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाइयों 3 और 4 के निर्माण के लिए सहमत हुए थे. यह अब तक की सबसे बड़ी चीन और रूस परमाणु ऊर्जा सहयोग परियोजना है और यह परियोजना इन दोनों पक्षों के बीच उच्चतम स्तर के सहयोग का भी प्रतिनिधित्व करती है. यह चार परमाणु ऊर्जा संयंत्र इकाइयों के निर्माण की सफल शुरुआत विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार और उच्च अंत उपकरण निर्माण में प्रमुख सहयोग परिणामों को दर्शाती है. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में यह परस्पर सहयोग रूस और चीन के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा. चूंकि परमाणु ऊर्जा कुशल और स्वच्छ है, इसलिए चीन में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की ये चारों इकाइयां, संचालित होने के बाद, कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को भी प्रभावी ढंग से कम करेंगी. तियानवेन परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जिसमें 7 और 8 इकाइयों का निर्माण किया जाएगा, चीन के जिआंगसु प्रांत के लियानयुंगंग शहर में स्थित है. जुडापु परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जिसमें 3 और 4 इकाइयां संयुक्त रूप से चीन और रूस द्वारा बनाई जाएंगी, लिओनिंग प्रांत के जिंगचेंग में स्थित है.

🛑यहूदी एजेंसी के तत्कालीन प्रमुख डेविड बेन-गुरियन ने 14 मई, 1948 को इज़राइल की स्थापना की घोषणा की थी. उस दिन की घोषणा के तुरंत बाद यहूदियों और अरबों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया था. मिस्र द्वारा हवाई हमले और तेल अवीव में ब्लैकआउट के बीच, यहूदियों ने खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा इज़राइल राज्य की मान्यता की खबर के बाद, अपने देश के पुनर्जन्म का जश्न मनाया. यहूदी लोगों ने 4,000 से अधिक वर्षों से इज़राइल की भूमि पर अपना दावा किया है, जो प्रागैतिहासिक काल से पहले की अवधि है. यहूदी लोगों का यह दावा है कि, परमेश्वर ने पितामह इब्राहिम को इजराइल की भूमि देने का वादा किया था. ज़िओनिज़्म आंदोलन



• इजरायल दो हजार वर्षों में दुनिया का पहला यहूदी राज्य है. आधुनिक समय का इज़राइल ज़िओनिज़्म आंदोलन के दौर में अपने मूल तक वापस जाता है जब पत्रकार थियोडोर हर्ज़ल ने यहूदी राज्य की वकालत यहूदी-विरोधी भावना के समाधान के तौर पर करनी शुरू कर दी थी. • हर्ज़ल के प्रयासों को पहली ज़िओनिस्ट कांग्रेस से उचित समर्थन नहीं मिला. हालांकि, बाद में वर्ष, 1904 में उनकी मृत्यु के बाद, ज़िओनिस्ट संगठन चैम वीज़मैन के नेतृत्व में फिलिस्तीन (रोमन्स द्वारा दिए गए नाम) में यहूदियों की आबादी बढ़ाने में सक्षम हुआ. यहूदी मातृभूमि: संघर्ष • बाद में वर्ष, 1917 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, ज़िओनिस्ट्स ने ब्रिटेन को बालफोर घोषणा जारी करने के लिए राजी किया जिससे ब्रिटेन को फ़िलिस्तीन में एक 'यहूदी मातृभूमि' स्थापित करने में सुविधा हुई. • हालांकि, स्थानीय अरबों ने इस यहूदी राज्य का विरोध किया. ओटोमन्स के पतन के साथ, अरबों ने इसे पुराने अरब साम्राज्य को पुनर्जीवित करने के अवसर के तौर पर देखा. ब्रिटिश सरकार ज़िओनिस्ट्स और अरबों को एक ही मोर्चे पर लाने में विफल रही, इस प्रकार वर्ष, 1936-39 का अरब विद्रोह शुरू हुआ. • ब्रिटेन में तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने फिलिस्तीन में यहूदियों और अरबों के बीच बढ़ती हिंसा के एवज में फिलिस्तीन पर ब्रिटिश जनादेश को समाप्त करने का फैसला किया. • 29 नवंबर, 1947 को संयुक्त राष्ट्र ने फिलिस्तीन को यहूदी और अरब राज्यों में विभाजित करने के लिए मतदान किया, जिसका अरबों ने फिर से विरोध किया. हालांकि, 14 मई, 1948 को इज़राइल राज्य की घोषणा ने यहूदी मातृभूमि हासिल करने के ज़िओनिस्ट्स के सपने को पूरा किया. • यद्यपि, अरब राज्यों - जॉर्डन, लेबनान, इराक, सीरिया और मिस्र की सेनाओं ने इस घोषणा के तुरंत बाद कुछ दिनों के भीतर इज़राइल पर आक्रमण किया. • आख़िरकार अगर बम वर्ष, 2021 तक तेजी से आगे बढ़ते हुए, इजरायल-फिलिस्तीनी शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने में विफल रहे हैं और गाजा पट्टी में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष और तनावपूर्ण स्थिति इन दिनों भी कायम है.

थैंक्स ,जागरण जोश


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