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13.10.21 समसामयिकी

भारत सरकार ने राज्य के स्वामित्व वाले पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) को 'महारत्न' का दर्जा दिया है. कंपनी के बयान के अनुसार, इस कदम से कंपनी की अधिक वित्तीय और परिचालन दक्षता का मार्ग प्रशस्त होगा. PFC ने अपने एक आधिकारिक बयान में यह कहा कि, "भारत सरकार ने राज्य के स्वामित्व वाली पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को प्रतिष्ठित 'महारत्न' का दर्जा दिया है, इस प्रकार PFC को अधिक परिचालन और वित्तीय स्वायत्तता प्रदान की गई है." वित्त मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा इस आशय का आदेश 12 अक्टूबर 2021 को जारी किया गया था. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की स्थापना वर्ष, 1986 में हुई थी. यह सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी है जो बिजली मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत बिजली क्षेत्र को समर्पित है. PFC के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, आरएस ढिल्लों ने एक बयान में यह कहा है कि, कंपनी को पिछले 03 वर्षों के दौरान असाधारण वित्तीय प्रदर्शन के कारण 'महारत्न' का यह दर्जा मिला है.



COVID-19 के बावजूद, कंपनी ने वित्त वर्ष, 2020-21 के दौरान बिजली क्षेत्र को अब तक के सबसे अधिक वार्षिक अनुमोदन और संवितरण क्रमशः 1.66 लाख करोड़ रुपये और 88,300 करोड़ रुपये के साथ ही वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक का सबसे अधिक लाभ 8,444 करोड़ रुपये हासिल किया है. भारत में कुल 11 कंपनियां हैं जिन्हें 'महारत्न' का दर्जा दिया गया है. पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) इस सूची में शामिल होने वाली 11वीं फर्म है. कंपनी का नाम 1. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) 2. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) 3. कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) 4. गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) 5. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) 6. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) 7. राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) 8. तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) 9. पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) 10. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) 11. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC)

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