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14.5.21 समाचार

Updated: May 15, 2021

जागरण जोश से साभार • हाल ही में जितने राज्यों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत खाद्यान्न वितरण शुरू किया है-13 • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, भारत में पिछले साल पहली बार सामने आया कोरोना वायरस का बी.1.617 स्वरूप जितने देशों में पाया गया है-44 • सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ऑक्सीजन आपूर्ति में सुधार लाने के लिए गठित राष्ट्रीय कार्यबल में जितने सदस्य हैं-12 • वह देश जिसने कोविड-19 को लेकर एहतियाती कदम उठाते हुए 13 मई से भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के पर्यटकों का प्रवेश रोक दिया है- मालदीव



• जिस देश के जनसंख्या विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जल्द ही दुनिया की सर्वाधिक आबादी वाला देश बन सकता है- चीन • केंद्र सरकार ने अत्याधुनिक रसायन सेल (एसीसी) बैटरी के विनिर्माण को बढ़ावा देने हेतु जितने करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) को मंजूरी दे दी है-18,100 करोड़ रुपये • हाल ही में जिस देश ने 12 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिये फाइजर-बायोएनटेक कंपनी की कोविड वैक्सीन को मंजूरी दे दी है- अमेरिका • ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने 2 से 18 साल के उम्र के बच्चों के लिए जिस वैक्सीन के ट्रायल को दूसरे और तीसरे चरण के लिए मंजूरी दे दी है- कोवैक्सीन


🛑टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, भारत बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से तैयार कोवैक्सिन को 2 साल से 18 साल के बच्चों के लिए ट्रायल की मंजूरी दे दी है. रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षण को कई स्थानों पर 525 प्रतिभागियों के बीच आयोजित करने की योजना है. परीक्षण आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, अभिक्रियाशीलता और प्रतिरक्षण क्षमता के लिए बच्चों में कोवाक्सिन वैक्सीन का मूल्यांकन करना होगा. भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर कोवैक्सीन को तैयार किया है. इस समय देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड के साथ टीकाकरण अभियान जारी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना “राष्ट्रीय उन्नत रसायन बैट्री भंडारण कार्यक्रम” को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत पचास (50) गीगावॉट ऑवर्सऔर पांच गीगावॉट ऑवर्स की “उपयुक्त” एसीसीबैट्री की निर्माण क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य है.



आधिकारिक बयान के अनुसार एसीसी नई पीढ़ी की अत्याधुनिक भंडारण प्रौद्योगिकी है. इसके जरिये बिजली को इलेक्ट्रोकेमिकल या फिर रसायनिक ऊर्जा के रूप में भंडारित किया जा सकता है. बाद में जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक ऊर्जा में तब्दील किया जा सकता है. मुंबई में जन्मी इस प्रोफेसर ने अपनी पुस्तक 'अरबी ओरेशन: आर्ट एंड फंक्शन' के लिए यह सम्मान जीता है, जिसे वर्ष, 2019 में लीडन के ब्रिल एकेडमिक पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित किया गया था. डॉ. ताहेरा एक अमेरिकी नागरिक हैं, जो भारत में प्रमुख कुतुबुद्दीन परिवार में पैदा हुईं और दक्षिण मुंबई में बड़ी हुईं. अबू धाबी सांस्कृतिक विभाग प्रतिवर्ष शेख जायद पुस्तक पुरस्कार के साथ अरबी साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने के लिए लोगों (लेखकों और कवियों) को सम्मानित करता है. शेख जायद बुक पुरस्कार को अरबी दुनिया के नोबेल पुरस्कार के तौर पर जाना जाता है. चीनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा किए गए आकलन से पहले ही यह स्थिति आ सकती है. चीन में पिछले कुछ सालों में जन्म दर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है. संयुक्त राष्ट्र ने साल 2019 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि भारत की जनसंख्या में अब से लेकर साल 2050 के बीच लगभग 27 करोड़ 30 लाख लोगों की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है. चीन की आबादी 2019 की तुलना में 0.53 प्रतिशत बढ़कर 1.41178 अरब हो गई है. हालांकि देश में जनसंख्या वृद्धि की यह दर सबसे धीमी है. साल 2019 में आबादी 1.4 अरब थी. चीन का सबसे ज्यादा आबादी वाले देश का दर्जा अब भी बरकरार है. हालांकि अधिकारिक अनुमान के अनुसार अगले साल तक इस संख्या में गिरावट आ सकती है.


🛑संयुक्त राष्ट्र ने 11 मई, 2021 को यह सूचित किया है कि वर्ष, 2022 में भारत की अर्थव्यवस्था के 10.1% की दर से बढ़ने का अनुमान है. यह देश दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था होगा. हालांकि, इस वैश्विक एजेंसी ने आगाह किया है कि वर्ष, 2021 में भारत के विकास का अनुमान लगाना अत्यधिक अस्थिर रहा क्योंकि यह महामारी का नया केंद्र रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने, विश्व आर्थिक स्थिति और पूर्वानुमान (WESP) के अपने मध्य-वर्ष के अद्यतन में, जो पहली बार जनवरी, 2021 में जारी किया गया था, यह अनुमान लगाया है कि वर्ष, 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था 10.1% की दर से बढ़ेगी, भारत के लिए अपनी जनवरी की रिपोर्ट में 5.9% की वृद्धि का अनुमान लगाया है. पूर्वानुमानित 10.1% विकास दर के साथ, भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था होगी, जोकि चीन से भी आगे होगी. चीन की अर्थव्यवस्था के 5.8% की दर से बढ़ने का अनुमान है और यह वर्ष, 2021 में 8.2% से बड़ी मंदी है

इस मध्य-वर्ष के अद्यतन के अनुसार वर्ष, 2020 में 6.8% वृद्धि दर के अनुमान के बाद भारत वर्ष, 2021 में 7.5% की वृद्धि दर दर्ज करेगा. जनवरी की वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया था कि, भारतीय अर्थव्यवस्था वर्ष, 2020 में 9.6% की दर से विकास करेगी. इसने वर्ष, 2021 में 7.3% विकास दर और वर्ष, 2022 में 5.9% GDP विकास दर का अनुमान लगाया था. वर्ष, 2022 में देश के लिए सकारात्मक आर्थिक विकास का अनुमान लगाते हुए इस रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि, तरलता (फ्लूइड) की स्थिति को देखते हुए वर्ष, 2021 में देश की विकास दर का पूर्वानुमान अत्यधिक अस्थिर होगा. इस रिपोर्ट में आगे यह बताया गया है कि, भारत COVID-19 दूसरी क्रूर लहर से विशेष रूप से प्रभावित हुआ है. टीकाकरण पर वैश्विक प्रगति के अवलोकन में, भारत में टीकाकरण के दौरान लगाई गई खुराकों की संख्या प्रति 100 लोगों के अनुपात में 10 लोगों से कम है, जबकि अमेरिका में प्रति 100 लोगों में 68.2 अनुपात के साथ, कैरेबियाई और लैटिन अमेरिका में यह अनुपात प्रति 100 व्यक्ति पर 13.6 और रूस में 12.4 है. यूनाइटेड नेशन्स द्वारा जारी मध्य वर्ष की इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि, दक्षिण एशिया, अफ्रीका के साथ-साथ कैरिबियन और लैटिन अमेरिका में स्थित अनेक देशों के लिए विकास दर का पूर्वानुमान काफी धूमिल है, जहां COVID-19 महामारी अभी भी काफी उग्र है. इस मध्य-वर्ष के अद्यतन में यह उल्लिखित किया गया है कि, दक्षिण एशिया जो पहले से ही दुनिया के सबसे कठिन क्षेत्रों में से एक है, वर्ष, 2021 में कोरोना वायरस संकट का सामना कर रहा है. इस रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि, दक्षिण एशिया क्षेत्र में आर्थिक विकास वर्ष, 2021 में घटकर 6.9% हो जाएगा, जबकि वर्ष, 2020 में यह गिरावट 5.6% थी. हालांकि, रिकवरी/ पुनरुत्थान बेहद असमान होगी और इसके प्रभाव लंबे समय तक रहेंगे. वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रोस्पेक्ट्स मिड -2021 की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वर्ष, 2020 में 3.6% के तीव्र संकुचन के बाद वर्ष, 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5.4% का विस्तार होने का अनुमान है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, तेजी से टीकाकरण और मौद्रिक और राजकोषीय सहायता के उपाय जारी रहने के बीच, अमेरिका और चीन - दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं - रिकवरी की राह पर हैं. भले ही चीन और अमेरिका में मजबूत रिबाउंड की वजह से वैश्विक आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ है लेकिन फिर भी, देशों और क्षेत्रों के बीच वैक्सीन असमान उपलब्धता अभी भी असमान और नाजुक वैश्विक रिकवरी के लिए महत्त्वपूर्ण खतरा पैदा करती है.

🛑डॉ. ताहेरा कुतुबुद्दीन प्रतिष्ठित शेख जायद बुक पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं हैं. मुंबई में जन्मी इस प्रोफेसर ने अपनी पुस्तक 'अरबी ओरेशन: आर्ट एंड फंक्शन' के लिए यह सम्मान जीता है, जिसे वर्ष, 2019 में लीडन के ब्रिल एकेडमिक पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित किया गया था. डॉ. ताहेरा एक अमेरिकी नागरिक हैं, जो भारत में प्रमुख कुतुबुद्दीन परिवार में पैदा हुईं और दक्षिण मुंबई में बड़ी हुईं. उन्हें इस महीने के अंत में अबू धाबी में पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें 15 वें शेख जायद बुक अवार्ड की विजेता चुना गया है. डॉ. ताहेरा कुतुबुद्दीन के बारे में • डॉ. ताहेरा कुतुबुद्दीन शिकागो विश्वविद्यालय में NELC विभाग में अरबी साहित्य की प्रोफेसर हैं. • उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा फोर्ट कॉन्वेंट, प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट इन कोडाइकनाल, विला थेरेसा हाई स्कूल और सोफिया कॉलेज मुंबई में पूरी की थी. • अभी ये प्रोफेसर अबू धाबी की लाइब्रेरी ऑफ अरबी लिटरेचर के संपादकीय बोर्ड में भी कार्य करती हैं. • उनका शोध शास्त्रीय अरबी कविता और गद्य में साहित्यिक, धार्मिक और राजनीतिक के विभिन्न विषयों पर केंद्रित है. शेख जायद बुक अवार्ड के बारे में • अबू धाबी सांस्कृतिक विभाग प्रतिवर्ष शेख जायद पुस्तक पुरस्कार के साथ अरबी साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने के लिए लोगों (लेखकों और कवियों) को सम्मानित करता है. • शेख जायद बुक पुरस्कार को अरबी दुनिया के नोबेल पुरस्कार के तौर पर जाना जाता है. • इस पुरस्कार का उद्देश्य अरब दुनिया का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे शक्तिशाली, उत्तेजक और चुनौतीपूर्ण कार्यों का प्रदर्शन करना है. • यह पुरस्कार "अरब लेखकों, बुद्धिजीवियों, प्रकाशकों और युवा प्रतिभाओं” को प्रदान किया जाता है जिनके लेखन और मानविकी के अनुवादों ने विद्वतापूर्ण और उद्देश्यपूर्ण तरीके से अरब सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक जीवन को समृद्ध किया है. • यह पुरस्कार संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख वास्तुकार शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान की याद में शुरु किया गया था. शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान वर्ष, 1971-2004 तक अर्थात 30 वर्षों से अधिक समय तक अबू धाबी के आधिकारिक शासक और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति थे. • यह पुरस्कार पहली बार वर्ष, 2007 में प्रदान किया गया था. यह दुनिया के सबसे अमीर साहित्यिक पुरस्कारों में से एक है, क्योंकि इसमें डीएच 7,000,000 का नकद पुरस्कार दिया जाता है.

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