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16.5.21 समाचार

यह पहली ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (EWG) की बैठक 11 और 12 मई, 2021 को आभासी तौर पर आयोजित की गई थी. इस बैठक की अध्यक्षता भारत के श्रम सचिव अपूर्व चंद्रा ने की थी. भारत ने वर्ष, 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण की है. इस बैठक के दौरान चर्चा के लिए मुख्य एजेंडे में श्रम बाजारों का औपचारिककरण, श्रम बाजार में ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को बढ़ावा देना, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की भूमिका और श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय शामिल थे. इस आभासी बैठक में, ब्रिक्स के सदस्य देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एजेंसी और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के प्रतिनिधियों ने भी एजेंडा के मुद्दों पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए. इस बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बहुपक्षीय सामाजिक सुरक्षा ढांचा बनाने की इच्छा व्यक्त की. यह सामाजिक सुरक्षा समझौता अंतर्राष्ट्रीय श्रमिकों की आय/ लाभ को उनके अपने देश में भेजने की सुविधा प्रदान करेगा जिससे उनकी गाढ़ी कमाई के नुकसान को रोका जा सकेगा. इसके अलावा, श्रमिकों को घरेलू और मेजबान देशों में भी (सामाजिक सुरक्षा योजनाओं) योगदान से छूट दी जाएगी. यह बहुपक्षीय सामाजिक सुरक्षा ढांचा श्रमिकों को ऐसे देशों के समूह में दोहरे योगदान से बचने में मदद करेगा. • सदस्य देशों ने सामाजिक सुरक्षा समझौते के मुद्दे पर एक-दूसरे के साथ बातचीत और चर्चा करने का फैसला किया है. उन्होंने इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया, जबकि ILO और ISSA ने अपनी ओर से, ऐसे समझौतों को अंतिम रूप देने में मदद करने के लिए तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया. • ब्रिक्स सदस्य देशों ने बाद के चरण में सामाजिक सुरक्षा समझौते के लिए एक बहुपक्षीय ढांचे को तैयार करने का भी फैसला किया. • सदस्य देशों द्वारा नौकरियों की औपचारिकता के लिए की गई विभिन्न पहलों के साथ-साथ इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई कि, किस तरह से महामारी ने अनौपचारिकीकरण जोखिम को बढ़ाया है.

🛑इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) ने 11 मई, 2021 को इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (IREDA) को 'हरित ऊर्जा पुरस्कार' से सम्मानित किया है. इस एजेंसी को अक्षय ऊर्जा के लिए वित्तपोषण संस्थान के तौर पर एक अग्रणी सार्वजनिक संस्थान होने के लिए सम्मानित किया गया है. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार इरेडा के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, प्रदीप कुमार दास ने महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, डॉ अजय माथुर से प्राप्त किया. एक वर्चुअल समारोह के दौरान ICC की राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष अनिल राजदान भी मौजूद थे. इरेडा के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने यह पुरस्कार प्राप्त करते हुए कहा कि, यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में इरेडा के अपार योगदान को मान्यता देता है. इरेडा, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है, देश में अक्षय ऊर्जा (RE) और ऊर्जा दक्षता (EE) परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए भारत में एकमात्र समर्पित संस्थान है. बीते वर्षों में, एजेंसी ने जिन ऋणों को मंजूरी दी है वे कुल मिलाकर 96,601 करोड़ रुपये हैं और 63,492 करोड़ रुपये का वितरण किया है. भारत में अब तक इरेडा ने 17,586 मेगावाट से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता का योगदान दिया है.


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