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20.5.21 समाचार

करेंट अफेयर्स एक पंक्ति को नए रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसमें राजेंद्र सिंह जडेजा और कोरोना वायरस आदि को सम्मलित किया गया है.जागरण जोश से साभार • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अनुसार, 2009-10 और 2020-21 के मध्य पूरे भारत में ट्रेनों की चपेट में आने से कुल जितने हाथियों की मौत हुई है-186 • कोरोना संक्रमण के चलते भारत के जिस पूर्व तेज गेंदबाज का हाल ही में निधन हो गया है- राजेंद्र सिंह जडेजा • तेलंगाना सरकार ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु राज्य में जारी लॉकडाउन को जितने तारीख तक बढ़ाने की घोषणा की है-30 मई • ईरान ने हाल ही में फरजाद-बी गैस परियोजना से जिस देश को बाहर किया- भारत



• दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोविड-19 से किसी सदस्य को खोने वाले हर परिवार के लिए जितने रुपये के मुआवज़े की घोषणा की है-50,000 रुपये • खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कल्याण योजना के तहत पूर्व एशियाई स्वर्ण पदक विजेता जोसफ जेम्स के लिए जितने रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है- दो लाख पचास हजार • विश्व एड्स वैक्सीन दिवस (World AIDS Vaccine Day) जिस दिन मनाया जाता है- 18 मई • पूर्व रक्षाराज्यमंत्री व भाजपा के जिस वरिष्ठ नेता का लंबी बीमारी के बाद 18 मई 2021 को जम्मू में निधन हो गया- चमन लाल गुप्ता

🛑हर साल 18 मई को विश्व एड्स वैक्सीन दिवस (World AIDS Vaccine Day) मनाया जाता है. इस दिन को HIV वैक्सीन जागरुकता दिवस के तौर पर भी संबोधित किया जाता है. इसका उद्देश्य HIV संक्रमण और एड्स की रोकथाम के लिए HIV वैक्सीन की जरूरत के सिलसिले में जागरुकता बढ़ाने की तरफ होता है. पहली बार विश्व एड्स वैक्सीन दिवस 18 मई, 1998 को मनाया गया. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अनुसार, 2009-10 और 2020-21 के मध्य पूरे भारत में ट्रेनों की चपेट में आने से कुल 186 हाथियों की मौत हुई है. असम में रेल की पटरियों पर सर्वाधिक संख्या (62) में हाथियों की मौत हुई है.



इसके बाद पश्चिम बंगाल (57) और ओडिशा (27) का स्थान है. रेल दुर्घटनाओं से होने वाली हाथियों की मौत को रोकने के लिये रेल मंत्रालय और MoEFCC के बीच एक स्थायी समन्वय समिति का गठन किया गया है. कोरोना संक्रमण के चलते सौराष्ट्र के पूर्व तेज गेंदबाज राजेंद्र सिंह जडेजा का निधन हो गया है. जडेजा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के रैफरी भी रह चुके थे. जडेजा दायें हाथ के उम्दा तेज गेंदबाज होने के अलावा अच्छे ऑलराउंडर भी थे. उन्होंने 50 प्रथम श्रेणी और 11 लिस्ट ए मैचों में क्रमश: 134 और 14 विकेट लिए. उन्होंने इन दोनों प्रारूपों में क्रमश: 1,536 और 104 रन भी बनाए. तेलंगाना सरकार ने 18 मई 2021 को कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु राज्य में जारी लॉकडाउन को 30 मई तक बढ़ाने की घोषणा की है. मौजूदा लॉकडाउन के दिशानिर्देश और प्रतिबंध लागू रहेंगे जबकि सुबह 6 से 10 बजे के बीच सभी गतिविधियों के लिए अनुमति रहेगी. तेलंगाना में 18 मई को़ कोविड-19 के 3,982 नए मामले सामने आए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘‘ताउते’’ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए 19 मई 2021 को गुजरात और केंद्र शासित क्षेत्र दीव के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. प्रधानमंत्री मोदी चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय गुजरात दौर पर 19 मई को भावनगर पहुंचे जहां मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उनका स्वागत किया. चक्रवात के कारण गिर सोमनाथ जिले के दीव और उना शहर के बीच 17 मई को जल भराव की स्थिति बन गई थी और इससे संपत्ति को भी खासा नुकसान पहुंचा है. क्षेत्र में पेड़ भी बड़ी संख्या में गिर गए हैं. चक्रवाती तूफान के कारण 200 से अधिक तालुकाओं में बारिश हुई.


🛑भारतीय मूल के कनाडाई फाइटर अर्जन सिंह भुल्लर (Arjan Singh Bhullar) ने हाल ही में इतिहास रच दिया. अर्जन भुल्लर शीर्ष स्तर के मिक्स्ड मार्शल आर्टस (एमएमए) प्रमोशन में विश्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय मूल के फाइटर बन गए. इस जीत के साथ अर्जन ने फिलिपींस मूल के अमेरिकी वेरा का पांच साल से चला आ रहा वर्चस्व तोड़ दिया. वे ब्रैंडन वेरा को हराकर सिंगापुर की वन चैंपियनशिप में हैवीवेट विश्व चैंपियन बने. अर्जन भुल्लर ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया. खासतौर से दूसरे दौर में तो शुरू से ही दबदबा बनाया और मुकाबला जीत कर ही दम लिया. ब्रैंडन वेरा ने मैच के बाद कहा कि यह मेरे अब तक के करियर में पहली बार है कि मुझे पहले दौर में पिछड़ने का अहसास हुआ. मैं फिट हूं और लगातार ट्रेनिंग ले रहा हूं. हम विश्व के सर्वश्रेष्ठ लोगों के साथ काम कर रहे हैं, यह मेरे लिए नया है.



पहलवान अर्जन भुल्लर ने साल 2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था. वे साल 2012 में लंदन में ओलंपिक में कनाडा का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय मूल के फ्रीस्टाइल पहलवान बने. उन्होंने अपने कुश्ती करियर के बाद जब यूएफसी (UFC)-215 में लुइस एनरिग बारबोसा डी ओलिवेरा के खिलाफ अपना UFC डेब्यू किया और जीत दर्ज की तो वह ऐसा करने वाले भारतीय मूल के पहले फाइटर बन गए थे. 35 साल के अर्जन भुल्लर ने छोटी उम्र से ही पहलवानी शुरू कर दी थी. वे लगातार पांच साल तक कनाडा की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे. साल 2008 से 2012 तक 120 किग्रा वजन वर्ग में लगातार चैंपियन बनते रहे. उन्होंने साल 2007 में पैन अमरीका खेलों में कनाडा का प्रतिनिधित्व करते हुए 120 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था. 🛑टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 20मई 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से फरजाद-बी गैस फील्ड और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं. ईरान ने इस विशाल गैस फील्ड को डेवलप करने का ठेका देश की एक स्‍थानीय कंपनी पेट्रोपार्स ग्रुप को दे दिया है. बता दें कि इस गैस फील्ड की खोज भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने की थी. ईरान ने अब इस गैस फील्‍ड को खुद ही विकसित करने का फैसला किया है. रिपोर्ट के अनुसार, इस गैस फील्ड से अगले पांच साल तक हर रोज 2.8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस निकाली जा सकती है. फरजाद-बी गैस फील्‍ड की खोज ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने पर्शियन गल्फ यानी फारसी ऑफसोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में साल 2008 में की थी. कोरोना की दूसरी लहर देश में आफत बनकर आई है, लेकिन बीते कुछ दिनों से संक्रमण के मामलों में कमी देखी जा रही है. दिल्ली के हालात पर 18 मई 2021 को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में दिल्ली सरकार चार बड़े कदम उठाने जा रही है.



मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा दिल्ली में पिछले साल की तरह गरीबों को मुफ्त में राशन दिया जाएगा, बिना राशन कार्ड वालों को भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा दिल्ली में 72,00,000 राशन कार्ड धारकों को इस महीने से राशन मुफ्त में दिया जाएगा उनसे पैसे नहीं लिए जाएंगे. वर्ष, 2020 में एक बहाल (रिस्टोर्ड) पीट बोग पर क्रेन की एक जोड़ी देखी गई थी. यह एक प्रकार की आर्द्रभूमि (वेट लैंड) है जो ज्यादातर उत्तरी अक्षांश में स्थित देशों में पाई जाती है. कथित तौर पर, यह पक्षी आयरलैंड के मिडलैंड्स क्षेत्र में देखे गये हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए ही इनके सटीक स्थान को गुप्त रखा गया है. कॉमन क्रेन (सामान्य सारस) आमतौर पर आयरलैंड में सर्दियों के दौरान देखी जाती है, हालांकि प्रजनन के मौसम के दौरान इसे नहीं देखा जाता है. वर्ष, 2020 में 300 से अधिक वर्षों के बाद, यह पहली बार था कि प्रजनन के मौसम के दौरान आयरलैंड में कॉमन क्रेन को घोंसला बनाते हुए देखा गया था. चमन लाल गुप्ता का जन्म 13 अप्रैल 1934 को जम्मू में हुआ था. पिछले कुछ वर्षों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था और वह कई रोगों से ग्रस्त थे. उन्होंने जीएम साइंस कॉलेज जम्मू और इलाहाबाद विश्वविद्यालय (यूपी) से एमएससी पूरा किया था. उन्होंने छात्र राजनीति से राजनीतिक करियर की शुरुआत की. वे जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रधान भी रहे. उन्होंने हिंदी में तीन किताबें भी लिखीं. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और कहा कि लोगों के कल्याण को लेकर उनके अपार योगदान हेतु उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. 🛑कॉमन क्रेन, आयरलैंड से गायब होने के तीन सौ से अधिक वर्षों के बाद, इस द्वीप देश में वापस आ गया है. कॉमन क्रेन एक ऐसा पक्षी है जो आयरलैंड की लोककथाओं, इतिहास और संस्कृति का हिस्सा रहा है और मध्ययुग के दौरान यह एक लोकप्रिय पालतू पक्षी भी था. वर्ष, 2020 में एक बहाल (रिस्टोर्ड) पीट बोग पर क्रेन की एक जोड़ी देखी गई थी. यह एक प्रकार की आर्द्रभूमि (वेट लैंड) है जो ज्यादातर उत्तरी अक्षांश में स्थित देशों में पाई जाती है. कथित तौर पर, यह पक्षी आयरलैंड के मिडलैंड्स क्षेत्र में देखे गये हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए ही इनके सटीक स्थान को गुप्त रखा गया है कॉमन क्रेन (सामान्य सारस) आमतौर पर आयरलैंड में सर्दियों के दौरान देखी जाती है, हालांकि प्रजनन के मौसम के दौरान इसे नहीं देखा जाता है. वर्ष, 2020 में 300 से अधिक वर्षों के बाद, यह पहली बार था कि प्रजनन के मौसम के दौरान आयरलैंड में कॉमन क्रेन को घोंसला बनाते हुए देखा गया था.



इन कॉमन क्रेन पक्षियों की ऊंचाई 04 फीट और पंखों का फैलाव 07 फीट से अधिक होता है. यह आयरलैंड का सबसे बड़ा पक्षी हुआ करता था. ये पक्षी कभी आयरलैंड में सब जगह पाए जाते थे लेकिन, इनके आवास के विनाश ने इन्हें 16 वीं और 17 वीं शताब्दी के आसपास आयरलैंड से गायब कर दिया. पारिस्थितिक विज्ञानी मार्क मैककॉरी के अनुसार, इन क्रेन्स के घोंसले में क्रेन्स के जोड़े की वापसी अत्यंत महत्वपूर्ण थी. इसलिए वर्ष, 2020 में जब इन पक्षियों की खोज की गई, तो वे प्रजनन के मौसम में घोंसले में रहने वाले पहले जोड़े थे. इसलिए, यह एक अच्छा संकेत है, क्योंकि ऐसा लग रहा है कि ये पक्षी आयरलैंड को एक बार फिर से अपना निवास स्थल बनाने के लिए तैयार हैं. इन पक्षियों ने पिछले साल अंडे नहीं दिए, जो क्रेन्स के लिए बहुत असामान्य बात नहीं है. जैसेकि वर्ष, 2020 में डबलिन में एक अन्य किशोर क्रेन को देखा गया था, यह सुझाव दिया गया है कि कॉमन क्रेन आयरलैंड में फिर से लौट रहे हैं. इन कॉमन क्रेन्स को बोर्ड ना मोना की भूमि पर देखा गया है. यह एक अर्ध-राज्य कंपनी है जो इस क्षेत्र में दलदल से पीट ईंधन निकालने के लिए जानी जाती है. हालांकि, इस कंपनी ने जनवरी, 2021 में अक्षय ऊर्जा को अपनाने और आर्द्रभूमि निकायों के पुनर्वास के लिए अपने कटाई कार्यों को बंद कर दिया था. यह दलदली क्षेत्र स्पंजी, नरम आर्द्रभूमि है जिसमें पीट - एक जीवाश्म ईंधन - जमा होते हैं और जिसका उपयोग उत्तरी यूरोप में व्यवसायों और घरों को गर्म करने के लिए किया जाता है. इन आर्द्रभूमियों को बहाल (रिस्टोर) करने के लिए अब दुनिया भर में प्रयास चल रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, आयरलैंड में दलदलों के ठीक होने पर, ऐसी संभावना है कि कॉमन क्रेन्स उन क्षेत्रों में फिर से बस जायें. 🛑ईरान हाल ही में भारत को बहुत बड़ा झटका दे दिया है. दरअसल, ईरान के पर्सियन गल्फ में मौजूद फरजाद-बी गैस फील्ड (Farzad-B Gas Field) भारत के हाथ से निकल गया है. अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच चीन के साथ दोस्‍ती बढ़ा रहे ईरान ने भारत को अरबों डॉलर का झटका दिया है. ईरान ने इस विशाल गैस फील्ड को डेवलप करने का ठेका देश की एक स्‍थानीय कंपनी पेट्रोपार्स ग्रुप को दे दिया है. बता दें कि इस गैस फील्ड की खोज भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने की थी. ईरान ने अब इस गैस फील्‍ड को खुद ही विकसित करने का फैसला किया है. ईरान ने इससे पहले चाबहार रेलवे लिंक परियोजना के लिए भारत के 2 अरब डॉलर के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. ईरान की सरकारी न्यूज सर्विस ‘शना’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने भारत को झटका देते हुए इस गैस फील्ड को डेवलप करने का ठेका पेट्रोपार्स ग्रुप को दे दिया है. नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी और पेट्रोपार्स ग्रुप के बीच यह समझौता तेहरान में ईरान के पेट्रोलियम मंत्री की मौजूदगी में 17 मई 2021 को हुआ. बता दें कि फरजाद-बी गैस फील्‍ड में 23 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस रिजर्व है. इसमें से 60 प्रतिशत तक गैस निकाजी जा सकती है. इसके अतिरिक्त इस गैस फील्ड में गैस कंडेंनसेट्स हैं, जिसमें 5000 बैरल प्रति बिलियन क्यूबिक फीट गैस मौजूद है. रिपोर्ट के अनुसार, इस गैस फील्ड से अगले पांच साल तक हर रोज 2.8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस निकाली जा सकती है. फरजाद-बी गैस फील्‍ड की खोज ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने पर्शियन गल्फ यानी फारसी ऑफसोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में साल 2008 में की थी.



ओएनजीसी विदेश ने ईरान को इस गैस फील्ड को विकसित करने के लिए 11 बिलियन डॉलर निवेश करने की पेशकश दी थी. ईरान की नेशनल इरानियन ऑयल कंपनी भारत के इस प्रस्ताव पर वर्षों तक बैठी रही और अब यह पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया है. ईरान और चीन ने अगले 10 साल में द्विपक्षीय व्‍यापार को 10 गुना बढ़ाकर 600 अरब डॉलर करने का लक्ष्‍य रखा है. चीन ईरान का सबसे बड़ा व्‍यापारिक भागीदार है. यही नहीं चीन ईरान में 5G सर्विस शुरू करने में मदद कर सकता है. चीन की ईरान में उपस्थिति से भारतीय निवेश के लिए संकट पैदा हो गया है. अमेरिका के दबाव की वजह से ईरान के साथ भारत के रिश्ते नाजुक दौर में हैं. भारत ने ईरान के बंदरगाह चाबहार के विकास पर अरबों रुपये खर्च किए हैं. भारत ने डील की शर्तों में बार-बार बदलाव और इसमें देरी के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है.

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