top of page

25.4.21 समसामयिकी

भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त, बैरी ओ'फेरेल ने 19 अप्रैल, 2021 को ऑस्ट्रेलियाई-भारत इंडो-पैसिफिक महासागरीय पहल भागीदारी (AIIPOIP) अनुदान कार्यक्रम के तहत 1.4 मिलियन (8.12 करोड़) ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के अनुदान की घोषणा की. आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ'फ्रेल ने यह अनुदान प्रदान करते समय यह कहा कि, “इंडो-पैसिफिक के लिए ऑस्ट्रेलिया और भारत के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए 1.4 मिलियन (8.12 करोड़) ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अनुदान कार्यक्रम एक व्यावहारिक पहल है.” उन्होंने आगे यह भी कहा कि, इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम ऑस्ट्रेलिया, भारत और अन्य क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सबके साझा समुद्री उद्देश्यों को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं, इस पर नए प्रस्ताव मांग रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई-भारत इंडो-पैसिफिक महासागरीय पहल भागीदारी (AIIPOIP) इंडो-पैसिफिक में समुद्री सहयोग के लिए साझा दृष्टिकोण पर ऑस्ट्रेलियाई-भारत संयुक्त घोषणा के तहत एक पहल है. यह पहल इंडो-पैसिफिक में एक खुले, लचीले, समृद्ध, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री क्रम को निर्मित करने और बनाए रखने में समुद्री सहयोग को आकार देने में मदद करेगी.



AIIPOIP के बारे में यह घोषणा 04 जून, 2020 को लीडर्स वर्चुअल समिट के दौरान की गई थी. AIIOIP चार साल का अनुदान कार्यक्रम (वर्ष 2020-2024) है. इस पहल का अनुदान दौर वर्ष, 2021 में शुरू किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 04 नवंबर, 2019 को बैंकाक में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में इंडो-पैसिफिक महासागरीय पहल (IPOI) की शुरुआत की थी. यह इंडो-पैसिफिक महासागरीय पहल भागीदारी (IPOIP) सात स्तंभों पर केंद्रित है: • समुद्री पारिस्थितिकी • समुद्री सुरक्षा • समुद्री संसाधन • क्षमता निर्माण और संसाधन साझाकरण • विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग • आपदा जोखिम कमी और प्रबंधन • व्यापार कनेक्टिविटी और समुद्री परिवहन ऑस्ट्रेलिया समुद्री पारिस्थितिकी स्तंभ के लिए अग्रणी भागीदार है.

जागरण जोश से साभार

अब बिज़नेस स्टैण्डर्ड से साभार कोविड-19 के टीकों का आईपी निलंबन एक ‘विनाशकारी विचार’ है: डब्ल्यूएसजे अमेरिका के प्रमुख वित्तीय समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कोविड-19 टीकों के बौद्धिक संपदा अधिकारों को निलंबित करने के प्रस्ताव को ‘विनाशकारी विचार’ करार दिया है। भारत तथा दक्षिण अफ्रीका ने पिछले साल डब्ल्यूटीओ में यह प्रस्ताव रखा था और इसे कई प्रगतिशील अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन हासिल है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के संपादकीय बोर्ड ने शुक्रवार को इस प्रस्तावित कदम के खिलाफ लिखा, और सीनेटर क्रिस कॉन्स का समर्थन किया, जिन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकारों पर बाहरी और आंतरिक हमले हो रहे हैं। भारत, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव का मकसद निम्न और मध्यम आय वाले देशों को आसानी से और उचित कीमत पर वैक्सीन उपलब्ध कराना है। इस प्रस्ताव को 60 से अधिक शीर्ष अमेरिकी सांसदों का समर्थन हासिल है, जिनमें से ज्यादातर प्रगतिशील हैं।

  • महाराष्ट्र : ऑफलाइन होगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा

  • बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक नहर परियोजना का होगा लोकापर्ण

  • एमएसएमई को तकनीक उन्नयन पर सरकारी मदद में सुस्ती

  • यूपी: बजट में कृषि-बुनियादी ढांचे पर जोर

  • महाराष्ट्र में माघी गणेश बाप्पा का आगमन

बाजार

  • कोविड की दूसरी लहर के बीच बैंकिंग शेयरों में नरमी

  • सेबी की सख्ती से एमएफ लाभांश पर लग सकता है ब्रेक

  • शेयर बाजार में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट

  • 11 फीसदी सालाना रिटर्न के साथ निफ्टी के 25 साल पूरे

  • डेट परिसंपत्तियों में आई बड़ी गिराव

  • लॉकडाउन से पहले शुरू हो गई थी श्रम लागत में कटौती

  • सीईओ के वेतन-भत्तों में भारी बढ़ोतरी

  • एस्सार के लिए बढ़ी बोली

  • नोवेलिस की होगी अलेरिस

  • मेड इन इंडिया कारों का अमेरिका में जलव

  • राज्यों को रिफंड दे सकता है केंद्र

  • कर अनुपालन की समय सीमा को लेकर राहत संभव

  • प्रतिबंधों से 1.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

  • इक्विटी बाजारों में कई जोखिमों का नहीं दिखेगा असर!

  • नकारात्मक परिदृश्य की श्रेणी में आएंगे कई क्षेत्


33 views0 comments

Recent Posts

See All
bottom of page