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4.5.21 समाचार

जागरण से साभार

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 04 मई 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से विश्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं. रवि शंकर इससे पहले आरबीआई के कार्यकारी निदेशक थे. तीन अन्य डिप्टी गवर्नर माइकल डी पात्रा, मुकेश कुमार जैन और राजेश्वर राव है. डिप्टी गवर्नर पद पर शंकर की नियुक्ति के साथ आरबीआई ने डिप्टी गवर्नरों के पोर्टफोलियो में फेरबदल किया है. RBI ने इसके साथ ही चारों डिप्टी गवर्नर के बीच विभागों बंटवारा कर दिया. केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने हाल ही में रविशंकर की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी. वे कानूनगो के विभाग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं जो फिनटेक, सूचना प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली और लोखिम निगरानी के प्रभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट किया कि जगमोहन जी का निधन हमारे राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है. वह अनुकरणीय प्रशासक और प्रसिद्ध विद्वान थे. उन्होंने हमेशा भारत की बेहतरी की दिशा में काम किया.



जगमोहन नाम से जाने जाने वाले जगमोहन मलहोत्रा को आपातकाल के दौरान उन्हें राजधानी के सौंदर्यीकरण का काम सौंपा गया था. वे कुछ समय के लिए गोवा, दमन ओर दीव के भी राज्यपाल रहे. उन्हें 1991 में पद्मश्री, 1977 में पद्म भूषण और 2016 में पद्म विभूषण सम्मान से नवाज़ा गया था. चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टूर्नामेंट की बड़ी टीमें इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुकी हैं. हाल ही में केकेआर के वरुण चक्रवर्ती, संदीप वॉरियर, चेन्नई के गेंदबाजी कोच लक्ष्मीपति बालाजी के साथ हैदराबाद के ऋद्धिमान साहा और दिल्ली के अमित मिश्रा का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया. लीग के चेयरमैन बृजेश पटेल ने पीटीआई से कहा कि टूर्नामेंट को अनिश्चितकाल के लिये निलंबित कर दिया गया है. हम अगले उपलब्ध समय में इस प्रतियोगिता का आयोजन करने की कोशिश करेंगे लेकिन इस महीने ऐसी संभावना नहीं है. आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल और बीसीसीआई की 04 मई को एक आपात बैठक हुई थी. लिमिटेड ओवर क्रिकेट में टीम के लिए लगातार खेले परेरा को उनकी तेज गेंदबाजी और आखिरी ओवरों में धुआंधार बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है. संन्यास लेने के बाद हालांकि परेरा ने इस बात को कंफर्म कर दिया है कि वे फ्रैंचाइजी क्रिकेट के लिए लगातार खेलते रहेंगे. वनडे में परेरा सबसे ज्‍यादा सफल रहे. इस फॉर्मेट में उन्‍होंने 2,338 रन बनाने के साथ-साथ 175 विकेट भी लिये. साल 2014 के टी20 वर्ल्‍ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ जीत के लिए थिसारा परेरा को जाना जाता है. उन्‍होंने छक्‍का लगाकर अपनी टीम को वर्ल्‍ड कप जिताया था. 2

देश में COVID-19 मामलों में तीव्र उछाल के बीच ऑक्सीजन की लगातार मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय मिशन का समर्थन करने के लिए भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन समुंद्र सेतु- II लॉन्च किया है. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक ट्वीट के माध्यम से यह बताया है कि, इस मिशन के तहत भारतीय नौसेना के युद्धपोत तरल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनरों और संबंधित चिकित्सा उपकरणों के शिपमेंट का कार्य करेंगे. देश भर में विमान पर ले जाने वाले ऐसे सभी कंटेनर खाली हैं क्योंकि ऑक्सीजन से भरे टैंक हवा से नहीं ढोए जा सकते हैं. इसलिए, रेलवे के मौजूदा प्रयासों के साथ-साथ नौसेना संचालन को प्रमुखता मिली है. #IndianNavy launches Operation #SamudraSetu_II to augment ongoing national mission OxygenExpress. Mission deployed warships will undertake shipment of liquid Oxygen filled cryogenic containers & associated medical equipment in support of nation’s need



भारतीय नौसेना ने वंदे भारत मिशन के एक हिस्से के तौर पर वर्ष, 2020 में ऑपरेशन समुद्र सेतु का शुभारंभ किया था. इसने श्रीलंका, मालदीव और ईरान में भारत के फंसे हुए 3992 लोगों को वापस भारत भेजा था. वर्तमान COVID-19 संकट से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन में सशस्त्र बल के योगदान के तौर पर, नौसेना की 57 सदस्यीय मेडिकल टीम में 7 नर्स, चार डॉक्टर, 20 सहायक कर्मचारी, 26 पैरामेडिक्स भी 29 अप्रैल, 2021 को अहमदाबाद में नियुक्त किए गए थे. इन सशस्त्र बलों की टीम को 'पीएम केयर कोविड अस्पताल' में तैनात किया जाएगा. यह एक विशेष अस्पताल है जो मौजूदा कोरोना वायरस संकट के प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया था. इस टीम को शुरू करने के लिए दो महीने के लिए तैनात किया गया है और अगर आवश्यक हो, तो इस टीम के ऑपरेशन की अवधि बढ़ा दी जाएगी. 3

03 मई, 2021 को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने इबोला वायरस रोग के 12 वें प्रकोप की समाप्ति की घोषणा की है, जिसने उत्तरी किवु के पूर्वी प्रांत में 12 लोगों को संक्रमित किया था और उनमें से छह लोगों की मृत्यु हो गई थी. सहायता समूह मेडेकिंस सैंस फ्रंटियर्स (MSF) ने यह बताया है कि, इस प्रकोप को रोकने के लिए मर्क के इबोला वैक्सीन का उपयोग किया गया था. यह टीका 1,600 रोगियों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों और इन संपर्कों के संपर्क में आये लोगों को भी लगाया गया था. जांच करने पर यह पता चला है कि, वर्तमान और वर्ष, 2018-20 इबोला महामारी के मामलों के बीच एक आनुवंशिक लिंक पाया गया. वर्ष, 2018-20 के दौरान 2,200 से अधिक लोगों की मौत इस बीमारी से हो गई थी, जो इस बीमारी के इतिहास में हुई मौत का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है. इबोला वायरस का नवीनतम पुनरुत्थान 03 फरवरी, 2021 को बटेम्बो शहर में देखा गया था जब एक ऎसी महिला की मृत्यु हो गई, जिसका पति इबोला वायरस के पिछले प्रकोप के दौरान इस बीमारी का शिकार बना था. स्वास्थ्य मंत्री जीन-जैक्स मबुन्गनी ने एक बयान में यह कहा है कि, "मैं उत्तर किवु प्रांत में इबोला वायरस की बीमारी के 12 वें संक्रमण दौर की समाप्ति की घोषणा करते हुए बहुत प्रसन्न हूं."



• इस इबोला वायरस की खोज सबसे पहले वर्ष, 1976 में इबोला नदी (अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो) के पास हुई थी. तब से, इस वायरस ने कई अफ्रीकी देशों को जकड़ लिया है. • यह एक अत्यधिक संक्रामक और घातक वायरस के तौर पर जाना जाता है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को ऐसे तरीकों से क्षति पहुंचाता है कि जिससे रोगी के शरीर में आंतरिक और बाहरी तौर पर, भारी रक्तस्राव होने लगता है. इस घातक बीमारी के लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, बुखार, उल्टी, दस्त, अंगों की विफलता शामिल हैं. • इबोला बीमारी में औसत मृत्यु दर 50 प्रतिशत है. पिछले प्रकोपों के दौरान प्रति मरीज मामलों में = मृत्यु दर 25 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक थी. • यह वायरस जानवरों से मनुष्यों में आता है और मानव-से-मानव संपर्क के माध्यम से काफी बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाता है. मलेरिया, मेनिन्जाइटिस, टायफाइड जैसे लक्षणों से मिलते-जुलते लक्षणों के कारण मनुष्यों में इबोला वायरस का निदान करना असंभव था, लेकिन इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि और निदान निम्नलिखित तरीकों से संभव हो सका: • RT-PCR (रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ पॉलिमरेज़ चेन रिएक्शन) • सीरम निराकरण टेस्ट • एलिसा (एंटीबॉडी-कैप्चर एंजाइम-लिंक्ड इम्युनोसॉरबेंट टेस्ट) • इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी • वर्ष, 2015 में गिनी में परीक्षण के दौरान इबोला वायरस को बेअसर करने में यह टीका rVSV-ZEBOV कारगर साबित हुआ. • इस वैक्सीन rVSV-ZEBOV का उपयोग वर्ष, 2018-2020 के प्रकोप और वर्ष, 2021 के मौजूदा प्रकोप में भी किया गया है.


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