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हिंदी समाचार 06 april 21

Updated: Apr 11, 2021

दैनिक समसामयिकी


06 April 2021(Wednesday)


NATIONAL


1.अगले CJI होंगे जस्टिस एनवी रमना, जानें किन-किन फैसलों में रहे हैं शामिल:-

• सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस नूतलपति वेंकट रमण (एनवी रमना) को मंगलवार को देश का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के स्थान पर की गई है। बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे।

• सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, जस्टिस रमण 24 अप्रैल को भारत के 48वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर प्रभार संभालेंगे। जस्टिस रमण 26 अगस्त, 2022 तक देश के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे।

• सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस रमण को 24 अप्रैल 2021 से भारत का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करते हैं।

• सूत्रों ने बताया कि परंपरा के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और कानून मंत्रालय में सचिव (न्याय) बरुण मित्रा ने राष्ट्रपति के हस्ताक्षर किया हुआ नियुक्ति पत्र मंगलवार सुबह जस्टिस रमण को सौंपा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बोबडे ने उनके बाद पद संभालने के लिए जस्टिस रमण के नाम की परंपरा और वरिष्ठता क्रम के अनुरूप हाल ही में सिफारिश की थी।

• जस्टिस बोबडे की ओर से केंद्र सरकार को अनुशंसा उस दिन की गई थी, जब उच्चतम न्यायालय ने जस्टिस रमण के खिलाफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी की शिकायत पर उचित तरीके से विचार करने के बाद खारिज करने के फैसले को सार्वजनिक किया था। नियम के अनुसार मौजूदा मुख्य न्यायाधीश अपनी सेवानिवृत्ति से एक महीने पहले एक लिखित पत्र भेजते हैं।

जस्टिस एनवी रमण ने कई महत्वपूर्ण मामले सुने


• जस्टिस एनवी रमण ने शीर्ष अदालत में कई हाई प्रोफाइल मामलों को सुना है। उनकी अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पिछले साल मार्च में अनुच्छेद 370 के खिलाफ कई याचिकाओं को सात न्यायाधीशों की वृहद पीठ में भेजने से इनकार कर दिया था। दरअसल, अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दायर की गई थीं।

सीजेआई का पद


• जस्टिस एनवी रमण पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ का हिस्सा थे, जिसने नवंबर 2019 में कहा था कि सीजेआई का पद सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण है। नवंबर 2019 के फैसले में शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि जनहित में सूचनाओं को उजागर करते हुए न्यायिक स्वतंत्रता को भी दिमाग में रखना होगा।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और इंटरनेट पर कारोबार करना संविधान के तहत संरक्षित


• एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में जस्टिस रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले साल जनवरी में फैसला दिया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और इंटरनेट पर कारोबार करना संविधान के तहत संरक्षित है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन


• जम्मू-कश्मीर प्रशासन को प्रतिबंध के आदेशों की तत्काल समीक्षा करने का निर्देश दिया था। वह शीर्ष अदालत की पांच न्यायाधीशों वाली उस संविधान पीठ का भी हिस्सा रहे, जिसने 2016 में अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को बहाल करने का आदेश दिया था।

फडणवीस को शक्ति परीक्षण का आदेश दिया था


• नवंबर 2019 में उनकी अगुवाई वाली पीठ ने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सदन में बहुमत साबित करने के लिए शक्ति परीक्षण का आदेश दिया था। जस्टिस रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने उस याचिका पर भी सुनवाई की थी, जिसमें पूर्व एवं मौजूदा विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के निस्तारण में अत्यधिक देरी का मुद्दा उठाया गया था।

कौन हैं एन.वी रमना

• आंध्र प्रदेश के रहने वाले एन.वी रमना वर्ष 2000 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में स्थायी जज के तौर पर चुने गए थे। फरवरी, 2014 में सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति से पहले वह दिल्ली हाई कोर्ट में थे। 63 वर्षीय नुथालपति वेंकेट रमना ने 10 फरवरी, 1983 से अपने न्यायिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने आंध्र प्रदेश से वकील के तौर पर शुरुआत की थी।

• इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट, आंध्र प्रदेश एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइब्यूनल के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की थी। उन्होंने संवैधानिक, आपराधिक और इंटर-स्टेट नदी जल बंटवारे के कानूनों का खास जानकार माना जाता है। करीब 45 साल का लंबा अनुभव रखने वाले एनवी रमना सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसले सुनाने वाली संवैधानिक बेंच का हिस्सा रहे हैं।


INTERNATIONAL


2. पुतिन 2036 तक राष्ट्रपति बने रह सकते हैं:रूस के राष्ट्रपति ने 6-6 साल के दो टर्म बढ़ाने संबंधी कानून पर साइन किए; 2024 में खत्म हो रहा कार्यकाल

• रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को उस कानून पर साइन किए, जो उन्हें 2036 तक सत्ता में बने रखने ताकत देता है। इसके साथ ही पुतिन को राष्ट्रपति पद पर अन्य दो कार्यकाल तक बने रहने की मंजूरी मिल गई है।

• 68 साल के पुतिन पिछले दो दशक से ज्यादा समय से रूस की सत्ता में हैं। सरकार के लीगल इंफॉरमेशन पोर्टल पर जारी की गई एक कॉपी के मुताबिक, पुतिन के हस्ताक्षर के बाद अब वह 2024 में वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के बाद अगले चुनावों में भी खड़े हो सकेंगे।

76% लोगों ने समर्थन किया था


• पिछले साल रूस में संविधान संशोधन के लिए जनमत संग्रह अभियान भी चलाया गया था। यह 7 दिन तक चला था। कोरोना संकट के कारण पहली बार रूस में किसी वोटिंग में इतना वक्त लगा। हालांकि, वोटिंग ऑनलाइन हुई। करीब 60% वोटरों ने मतदान किया। रूस की जनता ने पुतिन को 2036 तक पद पर बनाए रखने के समर्थन और विरोध में वोट दिए थे। इसके मुताबिक 76% लोगों ने संविधान में संशोधन का समर्थन किया था।

पुतिन पहली बार 2000 में राष्ट्रपति बने थे


• पुतिन पहली बार 7 मई 2000 को राष्ट्रपति बने थे। उनका पिछला कार्यकाल 2008 में पूरा हुआ था। इसके बाद मेदवेदेव राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे और पुतिन प्रधानमंत्री बने थे। हालांकि, सरकार की असल कमान पुतिन के हाथों में थी। मेदवेदेव के राष्ट्रपति रहने के दौरान राष्ट्रपति का कार्यकाल 6 साल कर दिया गया था।

• इससे पहले यह 4 साल का हुआ करता था। 2012 में एक बार फिर से पुतिन राष्ट्रपति बने और मेदवेदेव प्रधानमंत्री चुने गए। इस दौरान देश में कई बदलाव देखने को मिले। इसके साथ ही राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने खुद को बेहद मजबूत बनाया।

रूसी संसद के निचले सदन में आया था प्रस्ताव


• पुतिन का कार्यकाल 2024 में खत्म हो रहा है। अगर संविधान संसोधन नहीं होता, तो पुतिन इस बार चुनाव नहीं लड़ पाते। इसके लिए रूसी संसद के निचले सदन ड्यूमा में पुतिन की टर्म बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव लाया गया था। संसद में यह प्रस्ताव सांसद वेलेंतीना तेरेश्कोवा लाई थीं। वे 1963 में अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला हैं। वे पुतिन की समर्थक मानी जाती हैं।

15 साल तक जासूस के रूप में काम किया


• रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के जासूस के रूप में उन्होंने विदेश में 15 साल तक काम किया। जब रूस के पूर्व राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने 1999 में अचानक इस्तीफा दिया, तब पुतिन देश के प्रधानमंत्री थे। उस समय लंबित चुनावों के बीच उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में नामित किया गया।


3. रूसी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात, अफगानिस्तान, पुतिन सहित ये मुद्दे रहे चर्चा का केंद्र

• रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) भारत की दो दिवसीय यात्रा पर है। आज यानी 6 अप्रैल को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से रूसी विदेश मंत्री ने हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरानरूसी राष्ट्रपति पुतिन, अफगानिस्तान और दोनों देशों के रिश्तों पर बातचीत हुई।

दुनिया में बदलाव के बाद भी दोनों देशों के रिश्ते हुए मजबूत


• जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बहुत खास है। मंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों में दुनिया में तेजी से बदलाव के बावजूद भी हमारे संबंध मजबूत हो रहे है।

राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा की तैयारियों के बारे में हुई चर्चा


• इतना ही नहीं बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि दोनों के बीच इस वर्ष के अंत में होने वाली वार्षिक शिखर बैठक के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा की तैयारियों के बारे में चर्चा की गई। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा द्विपक्षीय सहयोग ऊर्जावान बना हुआ है। हमने परमाणु अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी के बारे में बातचीत की।

अफगानिस्तान में क्या होता इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर


• इसके साथ ही विदेश मंत्री अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि एक प्रश्न जिस पर काफी देर तक बातचीत की। यह अफगानिस्तान का विषय है क्योंकि अफगानिस्तान में और उसके आस-पास क्या होता है। इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा पर पड़ता है।

द्विपक्षीय, राजनीतिक वार्ता अपने उच्चतम स्तर- जयशंकर


• अपने संबोधन में आगे जशंकर ने कहा कि महामारी संबंधी प्रतिबंधों के बीच भी हमारी द्विपक्षीय, राजनीतिक वार्ता अपने उच्चतम स्तर पर है। मंत्री ने कहा कि पिछले साल सितंबर में आपके और आपके सहयोगियों की मेजबानी करना सम्मान की बात थी और हमने ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की परिषद और द्विपक्षीय बैठकें भी की थीं।


ECONOMY


4. RBI Monetary Policy: आरबीआई ने नहीं दी कोई राहत, रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

• रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं किया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज घोषणा करते हुए कहा कि रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट क्रमश: 4 फीसदी और 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को बनाए रखने और मुद्रास्फिति दर लक्ष्य के मुताबिक बनाए रखने का टारगेट है। आरबीआई ने लगातार पांचवीं बार रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया।

• वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति तीन दिनों तक चली और समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने की। इसके पहले हुई 5 फरवरी की बैठक के बाद आरबीआई ने महंगाई की चिंताओं का जिक्र करते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था सरकार की तरफ से आरबीआई को खुदरा महंगाई दर 4 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया गया है।

• मौजूदा समय में रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रखी गई। फरवरी 2020 के बाद से रेपो रेट में अब तक 1.15 फीसदी की कटौती देखी जा चुकी है।

• विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना मामले फिर से बढ़ने के चलते देश भर में लग रहे प्रतिबंधों से औद्योगिक उत्पादन की बढ़ती रफ्तार पर एक बार फिर से सुस्ती छा सकती है। ऐसे में रिजर्व बैंक हालात पर कुछ दिनों तक और नजर बनाए रखेगा ताकि बदलाव का व्यापक असर हो सके।


5. आरबीआई: 2020-21 में जीडीपी ग्रोथ रेट 10.5 फीसदी रहने का अनुमान

• भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 10.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण में बढ़ोतरी ने आर्थिक वृद्धि दर में सुधार को लेकर अनिश्चितता पैदा की है। अपनी ताजा नीति समीक्षा में आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी वृद्धि दर के 10.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है।

• समीक्षा में कहा गया कि विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए जीडीपी वृद्धि के 2021-22 में 10.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है, जो पहली तिमाही में 26.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 8.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही मे 6.2 प्रतिशत रह सकती है।

• आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि सभी की सहमति से यह भी निर्णय लिया कि टिकाऊ आधार पर वृद्धि को बनाए रखने के लिए जब तक जरूरी हो, उदार रुख को बरकरार रखा जाएगा और अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के असर को कम करने के प्रयास जारी रहेंगे।

• आरबीआई ने प्रमुख उधारी दर को चार प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, लेकिन साथ ही अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए जरूरत पड़ने पर आगे कटौती की बात कहकर उदार रुख को बरकरार रखा। दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक प्रणाली में पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा, ताकि उत्पादक क्षेत्रों को ऋण आसानी से मिले।

• आरबीआई ने कहा कि हालांकि विनिर्माण, सेवाओं और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की कंपनियां मांग में बढ़ोतरी को लेकर आशावादी हैं, लेकिन दूसरी ओर कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने से उपभोक्ता विश्वास कमजोर हुआ है।


6. IMF को उम्मीद, 2021 में 12.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी भारत की जीडीपी

• अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने उम्मीद जताई है कि 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था 12.5% की तेजी के साथ आगे बढ़ेगी। आईएमएफ के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था चीन से तेज विकास करेगी। मंगलवार को जारी अपने वार्षिक इकोनाॅमिक आउटलुक में आईएमएफ ने यह अनुमान जताया है।

• कोरोना से रिकवर कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट अच्छे संकेत दे रहे हैं। आईएमएफ को उम्मीद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2021 में 12.5% की तेजी के साथ ग्रोथ करेगी, जबकि 2022 इसमें गिरावट आएगी। आईएमएफ के अनुसार अगले साल भारत की अर्थव्यवस्था 6.9 प्रतिशत से आगे बढ़ेगी।

• आईएफ की ताजे अनुमान में इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था चीन से तेज ग्रोथ करेगी। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार 2021 में भारत के पड़ोसी देश चीन की अर्थव्यवस्था 8.6% से आगे बढ़ेगी। वहीं 2022 में चीन की जीडीपी 5.6% रहेगी। आईएमएफ की चीफ इकोनाॅमिस्ट ने कहा, 'हम 2021 और 2022 में मजबूत रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं। हमारे अनुमान के मुताबिक विश्व अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट साल 2021 में 6 प्रतिशत और 2022 में 4.4 प्रतिशत रहेगी।'

• हालांकि इसके बावजूद कोरोना की दूसरी लहर बाजार को डरा रही है। सोमवार को सेंसेक्स में 1200 अंकों की गिरावट देखी गई थी। हालांकि मंगलवार सेंसेक्स मामूली तेजी आई है। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामले एक बार चिंताएं बढ़ा रहे हैं। देश के कुछ हिस्सों में आंशिक लाॅकडाउन ने व्यापारियों के मन में भय और संशय उत्पन्न कर दिया है। इस बीच वैक्सीनेसन में आई तेजी लगातार बेहतरी की उम्मीद जगा रही है।

मूडीज को भी भारत पर भरोसा

• इससे पहले मूडीज भी भारत पर भरोसा जता चुका है। देश की अर्थव्यवस्था 2021 के कैलेंडर वर्ष में 12 फीसद की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज एनालिटिक्स ने मार्च में यह अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा है कि पिछले साल 7.1 फीसद की गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की निकट भविष्य की संभावनाएं अधिक अनुकूल हो गई हैं।


7. SEBI: बैंक, बीमा और पेंशन कोष ‘स्टूवर्डशिप संहिता’ का करें पालन

• भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने संस्थागत निवेशकों मसलन बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन कोषों से 'पारदर्शी स्टूवर्डशिप संहिता’ का पालन करने को कहा है। इससे ग्राहकों और लाभार्थियों के प्रति उनकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।

• सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा कॉरपोरेट गवर्नेंस पर आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में कहा कि निदेशक मंडल में यदि कोई ऐसा अवांछित फैसला लिया जा रहा, जो सभी अंशधारकों के हित में नहीं है, तो संस्थागत निवेशकों को उसका विरोध करने की ताकत बनना चाहिए।

• स्टूवर्डशिप संहिता सिद्धान्त आधारित रूपरेखा है। इससे संस्थागत निवेशकों को अपने दायित्वों को पूरा करने में मदद मिलती है, जिससे वे ग्राहकों और लाभार्थियों का संरक्षण करने के अलावा उनके लिए मूल्यवर्धन कर सकते हैं।

• सेबी ने दिसंबर, 2020 में म्यूचुअल फंड और सभी श्रेणियों के वैकल्पिक निवेश कोषों (AIF) के लिए स्टूवर्डशिप संहिता तय की थी। यह संहिता एक जुलाई, 2020 से लागू हुई है।

• पारदर्शिता को और बेहतर करने के लिए सेबी ने हाल में म्यूचुअल फंड इकाइयों के लिए कुछ विशेष मामलों में कंपनी के प्रस्तावों के संदर्भ में मतदान को अनिवार्य कर दिया है। त्यागी ने कहा कि वह अन्य सभी संस्थागत भागीदारों मसलन बैंकों, बीमा कंपनियों तथा पेंशन कोषों से कहूंगा कि वे पारदर्शी स्टूवर्डशिप संहिता का अनुपालन करें जिससे अपने ग्राहकों/लाभार्थियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित कर सकें।


8. तरुण बजाज नए राजस्व सचिव होंगे, अजय सेठ आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव नियुक्त

• वरिष्ठ नौकरशाह तरुण बजाज को नया राजस्व सचिव नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने शीर्ष स्तर पर फेरबदल के तहत मंगलवार को बजाज को नया राजस्व सचिव नियुक्त करने की घोषणा की है। बजाज 1988 बैच के हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। अभी वह आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) में सचिव हैं।

• कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने बजाज की राजस्व सचिव के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। बजाज के स्थान पर अजय सेठ आर्थिक मामलों के विभाग के नए सचिव नियुक्त किए गए हैं। सेठ 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी वह अपने कैडर राज्य कर्नाटक में कार्यरत हैं।

• आर एस शुक्ला की सेवानिवृत्ति के बाद गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार को संसदीय मामलों के मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। शुक्ला 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार सूचना प्रसारण मंत्रालय में विशेष सचिव और वित्तीय सलाहकार अली रजा रिज्वी को लोक उपक्रम विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।

• पश्चिम बंगाल कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी इंदिवर पांडेय को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग में सचिव बनाया गया है। पांडेय अभी पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में विशेष सचिव हैं। अंजली भावरा को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। भावरा अभी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में काम कर रही हैं।


DEFENCE


9. मिसाइल प्रोडक्शन पार्टनरशिप के लिए भारतीय प्राइवेट सेक्टर के लिए DRDO ने खोले द्वार

• डीआरडीओ (DRDO) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मिसाइल प्रोडक्शन पार्टनरशिप के लिए भारतीय प्राइवेट सेक्टर के द्वार खोल दिए हैं। इसके बाद प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने हिस्सा लेने के लिए काफी उत्साह दिखाया है। इसकी जानकारी खुद डीआरडीओ अधिकारियों ने दी। दरअसल, घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के मकसद से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने निजी क्षेत्र की फर्मों को मिसाइल सिस्टम को विकसित करने और उत्पादन करने की इजाजत प्रदान की है।

• इनमें इनमें वर्टिकल लॉन्च सरफेस टू सरफेस एयर मिसाइल सिस्टम प्रोग्राम शामिल है। डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर (DCPP) प्रोग्राम के अंतर्गतृ निजी क्षेत्र को अपने साथ मिसाइल सिस्टम विकसित करने और फिर उनका उत्पादन करने की अनुमति प्रदान की गई है।

• रिपोर्ट के अनुसार, डीआरडीओ के अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने हिस्सा लेने के लिए काफी उत्साह दिखाया है और वर्टिकल लॉन्च सरफेस टू सरफेस एयर मिसाइल सिस्टम प्रोग्राम (VL-SRSAM) प्रोजेक्ट के लिए आगे आए हैं।

• यह प्रयास नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट' के तहत कॉम्प्लेक्स मिलिट्री सिस्टम विकसित करने में सक्षम होने के लिए प्राइवेट सेक्टर की इंडस्ट्री को तैयार करने की पहल का एक हिस्सा है।

• सभी मौसम की एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तमाम हवाई लक्ष्यों जैसे जेट, लड़ाकू विमान, मानव रहित हवाई वाहनों को टारगेट करने के लिए विकसित किया जा रहा है। कैनिस्टर बेस्ड स्टेट ऑफ वेपन सिस्टम टारगेट को पहचानने, ट्रैक करने, इंगेज करने और नष्ट करने में कारगर होगा, जिसकी लगभग 40 किमी की स्ट्राइक रेंज है।

• डीआरडीओ ने टाटा और बाबा कल्याणी इंडस्ट्री सहित प्राइवेट सेक्टर की इंडस्ट्रीज को ATAGS होवित्जर विकसित करने में मदद की है, जोकि अगले कई दशकों में भारतीय सेना के लिए मुख्य आटलरी गन रहने वाली हैं।


मेक इन इंडिया: निजी हाथों में गया घरेलू मिसाइल उत्पादन, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से होगी शुरुआत

• घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने निजी क्षेत्र के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। इसके तहत निजी क्षेत्र की कंपनियों को मिसाइल प्रणाली को विकसित करने के साथ ही साथ इनका उत्पादन करने की अनुमति भी दे दी है।

• डीआरडीओ के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर (डीसीपीपी) प्रोग्राम के तहत निजी क्षेत्र को मिसाइस सिस्टम विकसित करने और फिर उसका उत्पादन करने की अनुमति प्रदान की गई है।' प्रारंभिक कार्यक्रम के तहत जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को विकसित किया जाना शामिल है। इसके साथ ही भारत भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास मिसाइलों का बड़ा बाजार है।

कंपनियों ने दिखाया उत्साह


• डीआरडीओ के इस फैसले को निजी क्षेत्र की कंपनियों ने हाथों-हाथ लिया है। डीआरडीओ के अधिकारियों के मुताबिक निजी क्षेत्र की कंपनियों ने इसमें हिस्सा लेने के लिए उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है। इसके तहत कम रेंज की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम के निर्माण के लिए कई बोलियां प्राप्त हुई हैं।

• डीआरडीओ का यह प्रयास नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' परियोजना का हिस्सा है जिसके तहत जटिल सैन्य प्रणाली विकसित करने में सक्षम होने के लिए निजी क्षेत्र के उद्योग को तैयार करना है।

कई योजना पर चल रहा काम


• इसके तहत ऑल वेदर हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली को विभिन्न हवाई लक्ष्यों जैसे जेट, लड़ाकू विमान, मानव रहित विमान से रक्षा प्रदान करने लिए विकसित किया जा रहा है।

• डीआरडओ ने टाटा और बाबा कल्याणी सहित निजी क्षेत्र के उद्योगों को एटीएजीएस होवित्जर विकसित करने में मदद की है, जो अगले कई दशकों में भारतीय सेना के लिए प्रमुख तोप होने की संभावना है।


ENVIRONMENT


10. हिमालय में ब्लैक कार्बन की मात्रा बढ़ी, इससे फिर आपदा का संकट; स्नो लाइन घट रही, जीव-जंतुओं और वनस्पतियों पर पड़ेगा सीधा असर

• उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग उत्तरकाशी, सतपुली, श्रीनगर, मसूरी और नैनीताल के करीब पहुंच गई है। इससे शहरों में अफरातफरी का माहौल है। पौड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के दोनों तरफ आग के विकराल होने से आवाजाही बंद कर दी गई है। इधर, वैज्ञानिकों को डर है कि इस आग से हिमालय की पहले से नासाज सेहत और बिगड़ सकती है।

• उनके मुताबिक, बीती सर्दियों में औसत से कम हिमपात और अब आग के कारण हो रहे वायु प्रदूषण से ग्लेशियर ब्लैक कार्बन के चपेट में आ रहे हैं। उनके पिघलने की रफ्तार पहले से तेज हो गई है। इससे फिर आपदा आ सकती है।